पाकिस्तान: 'शहज़ादे' और 'शहंशाह' की जंग

  • 24 अगस्त 2014
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पाकिस्तान के राजनीतिक संकट ने वहां लोगों और मीडिया को एक मंच पर ला दिया है.

क्रिकेट से राजनीति में आए तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के नेता इमरान ख़ान और धर्मगुरु ताहिरुल क़ादरी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.

पाकिस्तान में हालात वैसे ही हैं जैसे दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के विरोध प्रदर्शन के दौरान देखने को मिले थे.

तब भारतीय मीडिया ने भी इन प्रदर्शनों की ख़बरें दिखाने के साथ-साथ जमकर व्यंग्य किए थे और पाकिस्तानी मीडिया भी इस मामले में पीछे नहीं है.

उर्दू टीवी चैनल जैसे जियो और दुनिया न्यूज़ तंज कसने वाले कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं.

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जियो टीवी का कार्यक्रम 'हम सब उम्मीद से हैं' प्रदर्शन से जुड़े नेताओं, ख़ासकर इमरान ख़ान, को निशाना बना रहा है.

18 अगस्त को प्रसारित हास्य कार्यक्रम की पृष्ठभूमि मुग़ल काल से ली गई थी. इसमें प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को मुग़ले आज़म 2014 दिखाया गया है.

उनके दरबारी उन्हें बताते हैं कि किस तरह 'शहज़ादे' इमरान ख़ान और क़ादरी उनकी गद्दी के लिए ख़तरा बन गए हैं.

मुगले आज़म अपने दूत के माध्यम से 'शहज़ादे' के साथ बातचीत शुरू करने का संदेश लेकर भेजते हैं, लेकिन इमरान की तरह दिखने वाले 'शहज़ादे' उनके प्रस्ताव को ठुकरा देते हैं.

वह कहते हैं कि 'ज़िद्दी शहज़ादा' सम्राट का इस्तीफ़ा लेने के लिए आया है.

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कार्यक्रम के अन्य हिस्से में मुक्केबाज़ी के एक मुक़ाबले में इमरान ख़ान और क़ादरी की तरह दिखने वाले मुक्केबाज़ों को स्क्रीन पर मुक्के बरसाते हुए दिखाया गया, लेकिन लक्ष्य को देखा नहीं जा सकता. पृष्ठभूमि से आवाज़ आती है, "आख़िर ये लोग लड़ किससे रहे हैं?"

मिमिक्री

उधर, 17 अगस्त को दुनिया टीवी के 'हस्ब ए हाल' में क़ादरी के एक दिन पहले दिए गए भाषण की नकल उतारी गई है.

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क़ादरी ने कई मांगें रखी थी और भीड़ में उस व्यक्ति को गले लगाया था जो अपने साथ हथियार रखे हुए था.

स्टूडियो में क़ादरी की तरह दिखने वाले शख्स ने एंकर को गले लगाया जो कि अपने हाथ में पेन लिए हुए था.

पाकिस्तानी अख़बार कार्टून के जरिये कटाक्ष कर रहे हैं. अंग्रेज़ी दैनिक 'द नेशन' में एक कार्टून को 'धांधली एक्सप्रेस' के रूप में दिखाया गया है.

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