पाकिस्तान: 'बंद न हों बातचीत के दरवाज़े'

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी का राजनीतिक समर्थन जुटाने का प्रयास किया है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों का धरना जारी है.

क्रिकेटर से नेता बने इमरान ख़ान और धार्मिक नेता ताहिरुल क़ादरी के हज़ारों समर्थक शरीफ़ के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार आसिफ अली ज़रदारी ने शनिवार को शरीफ़ से मुलाक़ात की.

बातचीत से समाधान

आसिफ अली ज़रदारी ने पत्रकारों से कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से धैर्य बनाए रखने और समस्याओं का राजनीतिक समाधान खोजने का अनुरोध किया है."

उन्होंने कहा, "समस्या के समाधान का एक ही तरीका बातचीत है. लोकतंत्र का अर्थ है कि बातचीत के दरवाज़े बंद न हों. संवाद के माध्यम से आपसी मतभेदों को दूर किया जा सकता है."

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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के प्रमुख इमरान ख़ान का आरोप है कि मई 2013 में हुए चुनावों में गड़बड़ी हुई थी, इसलिए प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशहाक़ डार ने शनिवार को कहा, "जो भी समाधान निकले, वह संविधान और क़ानून के दायरे में होना चाहिए. प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े का तो सवाल ही नहीं उठता."

'हम यहां डटे रहेंगे'

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संसद के बाहर अपने समर्थकों से इमरान ख़ान ने कहा, "हम कल भी यही रहेंगे, परसों भी यहीं रहेंगे, हम यहां डटे रहेंगे जब तक कि नवाज़ शरीफ़ अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं दे देते."

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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के नेशनल एसेंबली के 34 सदस्यों ने अपने इस्तीफ़े सौंप दिए हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार पाकिस्तान में जारी राजनीतिक गतिरोध के मद्देनज़र सेना के दख़ल की आशंका बढ़ गई है.

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