'आपने गांधी को सम्मानित किया है'

  • 25 अगस्त 2014
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ब्रितानी निर्देशक रिचर्ड एटेनबरा की फ़िल्म 'गांधी' को साल 1983 में दो श्रेणियों में ऑस्कर पुरस्कार मिला था.

एटेनबरा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवॉर्ड मिला था जबकि गांधी को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का.

(रिचर्ड एटेनबरा का पूरा भाषण)

एटेनबरा ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा, "सही मायनों में इसके ज़रिये आपने गांधी को सम्मानित किया है. वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत थे."

उन्होंने कहा, "मुझे उनमें जो सबसे असाधारण बात लगती है वह यह है कि गांधी आज भी प्रेरणा के स्रोत हैं. आपके महान नायक मार्टिन लूथर किंग जूनियर को भी महात्मा गांधी से ही प्रेरणा मिली थी."

शांति का रास्ता

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ब्रितानी निदेशक ने कहा, "पोलैंड के राष्ट्रवादी नेता लैक वलेसा ने जेल से निकलने के बाद कहा था कि वह पहले जो कुछ कर रहे थे उससे कुछ नहीं होने वाला है. उन्होंने कहा कि मानवीय गरिमा और शांति पाने का एक ही रास्ता है और वह है गांधी का रास्ता.

उन्होंने कहा, "गांधी ने कहा था कि हमें उस तरीक़े के बारे में सोचना चाहिए जिसके माध्यम से हम अपनी समस्याएं सुलझाना चाहते हैं. 20वीं शताब्दी में हम जिस तरह से मानवीय गरिमा को तलाश कर रहे हैं उससे अंतत: हम एकदूसरे का सिर उड़ा देंगे."

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एटेनबरा ने कहा, "गांधी ने हमें इस तरीके पर पुनर्विचार करने को कहा था. उन्होंने कहा था कि अगर हम अहिंसा के रास्ते पर चलें तो समस्याएं सुलझाने का तरीका उससे अलग होगा जो हम आज अपना रहे हैं. मुझे लगता है कि उनके पास दुनिया में सभी के लिए कुछ न कुछ संदेश था.

अफ़सोस

उन्होंने कहा, "सही मायनों में आपने गांधी और उनके शांति के संदेश को सम्मानित किया है."

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एटेनबरा ने कहा, "मुझे अफ़सोस है कि इस मौक़े पर मेरे दोस्त मोती कोठारी मौजूद नहीं हैं जिन्हें यह फ़िल्म समर्पित है और जिन्होंने मुझे इस फ़िल्म को बनाने का आइडिया दिया था."

एटेनबरा जब अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे तो पृष्ठभूमि में गांधी के प्रिय भजन 'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम भज प्यारे तू सीताराम' की धुन बज रही थी.

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