लीबिया पर हमले की जानकारी नहीं: अमरीका

  • 26 अगस्त 2014
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अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि लीबिया में पिछले हफ़्ते इस्लामी चरमपंथियों पर किए गए हवाई हमले के पीछे मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात थे.

एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि इस बारे में अमरीका से कोई सलाह नहीं ली गई थी और ये बहुत ही जल्दबाज़ी में किया गया फ़ैसला था.

अधिकारी का कहना था कि अमरीका को इस बात की भी चिंता है कि इस हमले में अमरीकी हथियारों का इस्तेमाल हो सकता है, जो इन हथियारों की ख़रीद के नियमों का उल्लंघन है.

त्रिपोली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास मौजूद इन चरमपंथियों के ठिकानों पर हवाई कार्रवाई यूएई के लड़ाकू विमानों ने की थी और इसके लिए मिस्र के हवाई बेस का इस्तेमाल किया गया.

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मिस्र के अधिकारियों ने इन हमलों में किसी तरह से शामिल होने से इनकार किया है लेकिन संयुक्त अरब अमीरात की ओर से इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है.

हवाई हमले मिसराता और दूसरे शहरों के चरमपंथियों को रोकने में नाकाम रहे. ये चरमपंथी लीबिया डॉन नामक संगठन के साथ अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं.

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लड़ाई के चलते लीबिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे को पिछले एक महीने से भी ज़्यादा समय से बंद किया गया है.

जुलाई महीने से त्रिपोली में शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

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