अफ़ग़ानिस्तान: वोट की जांच से हटे अबदुल्लाह

अशरफ़ ग़नी और अबदुल्लाह अबदुल्लाह इमेज कॉपीरइट AFP

अफ़गानिस्तान में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अब्दल्लाह अब्दुल्लाह ने विवादित चुनाव में धांधली के बारे में चिंता जताते हुए मतदान की जांच से अपने पर्यवेक्षक हटा लिए हैं.

अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा, "हम आज इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे, और शायद आगे बिलकुल ही शामिल न हों."

अधिकारियों का कहना है कि निवर्तमान राष्ट्रपति हामिद करज़ई का उत्तराधिकारी ढूंढने के लिए संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में हो रही जांच को रोक दिया गया है.

अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह और उनके प्रतिद्वंद्वी अशरफ़ ग़नी ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत का दावा किया है और व्यापक धांधली के आरोप लगाए हैं.

दोनों एक राष्ट्रीय एकीकरण सरकार बनाने पर राज़ी हो गए हैं लेकिन इस बारे में अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है.

मतदान में पड़े 80 लाख वोटों की जांच का काम एक महीने पहले शुरु हुआ था और इसे ख़त्म होने में हफ़्तों लग सकते हैं.

अप्रैल में हुई पहले दौर की मतदान गणना में अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह आगे थे लेकिन उन्हें साफ़ बहुमत नहीं मिला था.

जून में दूसरे दौर के बाद शुरुआती नतीजों में अशरफ़ ग़नी आगे निकल गए.

अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह की टीम अब सैकड़ों ''फ़र्ज़ी वोटों'' को खारिज करने की मांग कर रही है. उनके कुछ समर्थकों ने प्रदर्शनों की धमकी दी है.

काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड लॉयन का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र ने जांच की प्रक्रिया जारी रखने के लिए मंगलवार देर रात तक दोनों उम्मीदवारों की टीमों के साथ बैठकें की और ये साफ़ है कि चाहे अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के पर्यवेक्षक इसमें शामिल हों या न हों, जांच का काम जारी रहेगा.

लेकिन अशरफ़ ग़नी की टीम के एक सदस्य का कहना था कि अब्दुल्लाह गुट को "पता है कि वे चुनाव हार गए हैं और अब बहाने तलाश रहे हैं''.

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