सीरिया: आईएस ने 'युद्ध अपराध' किए

सीरिया की राजधानी दमिश्क के घाउटा में संयुक्त राष्ट्र इंस्पेक्टर, 2013 इमेज कॉपीरइट AFP

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने सीरिया में बड़े पैमाने पर नरसंहार किया है और बच्चों को युद्ध में झोंकने के लिए उनकी भर्ती की है.

संयुक्त राष्ट्र ने सीरियाई सरकार पर भी इस साल पश्चिमी सीरिया में आठ अलग-अलग जगहों पर रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.

ये बात सीरिया में युद्ध अपराधों पर आई एक नई रिपोर्ट में कही गई है.

संयुक्त राष्ट्र ने ये भी कहा है कि इस्लामिक स्टेट यानी आईएस के चरमपंथियों ने कई सार्वजनिक हत्याएं कीं जिन्हें देखने के लिए उन्होंने बच्चों समेत आम लोगों को मजबूर किया.

आईएस का अब सीरिया के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा है और ये संगठन सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ लड़ रहे गुटों में से एक है.

साल 2011 की शुरुआत में सीरिया में संघर्ष शुरू होने से अब तक वहां दो लाख लोग मारे गए हैं.

क्लोरीन गैस से हमला

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरियाई सुरक्षाबलों ने हेलिकॉप्टरों से बैरल बम और क्लोरीन गैस गिराई, अस्पतालों पर गोलीबारी की और नागरिकों को यातना दी और उनकी हत्या की.

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट सीरिया में मानवाधिकार हनन के मामलों की जांच पर आधारित है. इसमें छह महीने तक किए गए इंटरव्यू और इस साल जनवरी से जुलाई तक इकट्ठा किए गए सबूत शामिल हैं.

जांचकर्ताओं का कहना था कि आईएस के लड़ाके उत्तरी सीरिया में डर पैदा करने का अभियान चला रहे हैं. इसमें सार्वजनिक हत्याएं, कोड़े मारना और हाथ-पांव काटना शामिल हैं.

कमीशन के अध्यक्ष पाउलो पिन्हेरो ने पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर नतीजों की चेतावनी दी है.

जांचकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सीरियाई संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र में फैलने का ख़तरा है, जो इराक़ में पहले ही दिख रहा है.

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