सेना से मध्यस्थता नहीं मांगी: शरीफ़

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने उन ख़बरों को ग़लत बताया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने देश में जारी राजनीतिक संकट सुलझाने के लिए सेनाध्यक्ष रहील शरीफ़ से दख़ल देने को कहा था.

नवाज़ शरीफ़ ने संसद में कहा कि सेना के एक अधिकारी ने उनसे फ़ोन पर पूछा था कि क्या सेनाध्यक्ष को प्रदर्शन कर रहे नेताओं - इमरान ख़ान और ताहिर उल क़ादरी का बातचीत का आग्रह मंज़ूर कर लेना चाहिए.

नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि अगर दोनों नेता सेनाध्यक्ष से मिलना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

इमरान ख़ान और क़ादरी ने अपने हज़ारों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद तक मार्च किया था.

वे अब भी प्रदर्शन कर रहे हैं और नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफ़े और 2013 के चुनावों में कथित धांधली की न्यायिक जाँच की मांग कर रहे हैं.

सेनाध्यक्ष-शरीफ़ की तीन बैठकें

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इमरान ख़ान ने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

दोनों नेताओं ने गुरुवार को दावा किया था कि गतिरोध दूर करने के लिए सेनाध्यक्ष से मध्यस्थता का अनुरोध खुद प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने किया था.

जनरल रहील शरीफ़ पिछले नौ दिनों में प्रधानमंत्री से तीन मुलाक़ातें कर चुके हैं. उनके बीच शुक्रवार को भी बातचीत होने की संभावना है.

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