पाकिस्तान का हाल, ट्विटर पर हंगामा

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पाकिस्तान में ट्विटर यूज़र्स राजनीतिक संकट के समाधान के लिए कथित तौर पर सेना से मदद लेने पर नवाज़ शरीफ़ सरकार की आलोचना कर रहे हैं.

लोग इसे लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार की 'नाकामी' बता रहे हैं.

विपक्षी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के इमरान ख़ान और प्रभावशाली धार्मिक नेता ताहिरुल क़ादरी के साथ शरीफ़ सरकार की बातचीत में गतिरोध जारी था.

इस कारण पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ़ से 'मदद लेने का फ़ैसला' सामने आया.

'शर्मनाक'

कुछ लोगों ने #GONAWAZGO, #ARMY, #COAS, #AzadiSquare और #PMLN हैशटैग का इस्तेमाल किए हैं. लोगों ने नवाज़ शरीफ़ सरकार की इसे लेकर तीखी आलोचना की है.

ट्विटर यूज़र अली अब्बास ज़ैदी ने लिखा (@ali_abbas_zaidi), "प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सेना प्रमुख से हस्तक्षेप से हस्तक्षेप की बात कहकर खुद अपनी पार्टी और देश की संसद को शर्मसार किया है.

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आंदोलन में जुटे ताहिरुल क़ादरी ( #TUQ) और इमरान ख़ान ने इस पर सहमति जताकर ऐसा ही किया है."

वहीं राशिद खालिद (@rashidkhalid80) पूछते हैं,"संविधान में कहां लिखा है कि राजनीति मसलों को सेना हल करेगी?"

ख़तरे में लोकतंत्र?

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ट्विटर पर कुछ यूज़र्स ने लिखा कि सेना के हस्तक्षेप से पाकिस्तान में लोकतंत्र पर सवालिया निशान लग गया है.

सुलेमान (@suleimanalikhan) ने ट्वीट किया, "..जो कहते थे कि पाकिस्तान में लोकतंत्र है. अब नवाज़ शरीफ़ ने अपना और सेना का सच लोगों के सामने ला दिया है."

सेना की भूमिका पर 'यू टर्न'

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ट्विटर पर लोग इसकी भी चर्चा कर रहे हैं कि सरकार ने लोकतंत्र में सेना की भूमिका से इनकार किया था और अब अपनी बात से 'यू-टर्न' ले रही है.

सलमान अहमद ( @salmanahmad) ने लिखा, "लोकतांत्रिक शरीफ़ लोकतांत्रिक तरीके से सेना की मदद मांग रहे हैं. इस बिंडबना साफ़ ज़ाहिर है."

एक अन्य यूज़र अरशद सैयद (arshadsyed001) ने ट्वीट किया, "सदी का यू-टर्न: नवाज़ शरीफ़ः राजनीति में सेना की कोई जगह नहीं; नवाज़ शरीफ़ः प्रिय सेनाअध्यक्ष हमारी मदद करें."

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