'जन्नत के लिए' आईएस लड़ाके से शादी

  • 7 सितंबर 2014
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ब्रिटेन के ग्लास्गो से सीरिया जाकर चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के एक लड़ाके से शादी करने वाली 20 साल की एक युवती के माता-पिता ने उनसे घर लौटने की अपील की है और अक़्सा के कट्टरपंथ की ओर रुझान पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया है.

माना जा रहा है कि अक़्सा नवंबर 2013 में तुर्की के रास्ते सीरिया पहुंची थीं.

अमरीकी न्यूज़ चैनल सीएनएन पर जारी प्रसारण में अक़्सा की माँ ख़ालिदा महमूद और उनके पिता मुज़फ़्फ़र महमूद ने कहा कि अक़्सा का लालन पालन उदारवादी माहौल में हुआ था.

मुज़फ़्फ़र महमूद ने कहा, "हम उससे बेहतर बेटी नहीं पा सकते थे. हमें पता नहीं कि उसे क्या हुआ." उन्होंने कहा, "हम उससे कहते थे कि नमाज़ और क़ुरान पढ़ने में कोई बुराई नहीं है."

पढ़ाई

अक़्सा महमूद ने विश्वविद्यालय जाने से पहले ग्लास्गो के क्रैगहोल्म स्कूल से पढ़ाई की.

मुज़फ़्फ़र महमूद ने कहा, "हमारा ताल्लुक़ उदारवादी मुस्लिम परिवार से है और यह हमारे लिए आश्चर्य की बात है."

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उन्होंने कहा, "उनका अंतिम संदेश था कि मैं आपसे क़यामत के दिन मिलूंगी. मैं हाथ पकड़कर आपको जन्नत ले जाऊंगी. मैं शहादत देना चाहती हूं."

सीरिया पहुंचने के बाद अक़्सा ने अपने माता-पिता से संपर्क साधा और मंगलवार तक वह सोशल मीडिया के ज़रिए उनके संपर्क में थीं. मंगलवार को ही अख़बारों में उनके आईएस के साथ संबंधों की ख़बर छपी थी.

संदेश

अक़्सा ने ट्विटर पर जो कमेंट किए हैं उनमें ब्रिटेन के लोगों से वूलविच और अमरीका की तर्ज़ पर आतंकी हमले कहने का आह्वान किया गया है.

अक़्सा की मां ख़ालिदा महमूद ने इस उम्मीद में एक संदेश रिकॉर्ड कराया है कि उनकी बेटी इसे सुने.

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उन्होंने कहा, "मेरी प्यारी बिटिया, कृपा करके वापस आ जाओ. मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है. तुम्हारे भाइयों और बहनें को भी तुम्हारी भारी कमी खल रही है."

ख़ालिदा ने कहा, "मेरी सबसे प्यारी बिटिया, अल्लाह के नाम पर घर वापस आ जाओ. मैं तुमसे बेहद प्यार करती हूं."

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