योगी आदित्यनाथ पर मोदी की चुप्पी का मतलब

इमेज कॉपीरइट WWW.YOGIADITYANATH.IN

उर्दू मीडिया में बाढ़ से बेहाल भारत और पाकिस्तान की चर्चा है तो सियासत भी बदस्तूर सुर्ख़ियों में है.

रोज़नामा ख़बरें ने अपने संपादकीय में चुनाव आयोग की रोक के बावजूद लखनऊ में भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ की रैली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.

अख़बार कहता है कि योगी आदित्यनाथ क़ानून को ठेंगा दिखा रहे हैं. वो यहां तक कह गए कि जहां मुसलमान होते हैं, वहीं दंगे होते हैं. लेकिन मोदी चुप हैं.

अख़बार कहता है कि कहीं पीएम की चुप्पी योगी की सियासत को मंज़ूरी देना तो नहीं है.

9/11 की बरसी

हिंदोस्तान एक्सप्रेस ने अमरीका पर 11 सितंबर के हमलों की बरसी पर संपादकीय लिखा है.

अख़बार कहता है कि ये 9/11 का ही असर है कि दुनिया भर में हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, दफ़्तरों और सार्वजनिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लग गए.

अख़बार के मुताबिक़ अमरीका की कामयाबी है कि 9//11 के बाद उसने अपने यहां कोई बड़ा हमला नहीं होने दिया, लेकिन अब उसके सामने आईएस की चुनौती है जिसने ओबामा प्रशासन को सीरिया की सरकार के साथ खड़ा कर दिया है.

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ की भी सब अख़बारों में चर्चा है.

जलवायु परिवर्तन की मार

इमेज कॉपीरइट AP

उधर लाहौर से छपने वाले नवाए वक़्त ने पाकिस्तान में भयानक बाढ़ के मद्देनज़र लिखा है कि भारत के साथ जल विवादों को हल करना बेहद ज़रूरी है.

अख़बार के मुताबिक़ इन विवादों की एक बड़ी वजह ये है कि सिंधु समझौते की रोशनी में पाकिस्तान ने निर्धारित समय में सिंध, चिनाब और झेलम पर बांध नहीं बनाए जबकि भारत ने बांधों के अंबार लगा दिए.

‘ऐसे में पाकिस्तान की तरफ़ आने वाले पानी को वो जब चाहे रोक लेता है जब चाहे अतिरिक्त पानी छोड़ देता है.’

दैनिक एक्सप्रेस ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की तरफ से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र का ज़िक्र है.

इस पत्र में नवाज़ शरीफ़ ने जहां जम्मू-कश्मीर ने बाढ़ से होने वाले नुक़सान पर दुख जताया है, वहीं जलवायु परिवर्तन और ख़ासकर ग्लेशियरों को पिघलने से रोकने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया है.

इमेज कॉपीरइट AP

अख़बार लिखता है कि सियाचिन में भारत और पाकिस्तान के फ़ौजी बड़ी संख्या में तैनात हैं और सैन्य गतिविधियों के चलते वहां तेज़ी से ग्लेशियर पिघल रहे हैं.

अख़बार के मुताबिक़ अगर इस समस्या का हल नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में ग्लेशियर पिघलने से बाढ़ के और गंभीर हालात देखने को मिल सकते हैं.

सदाबहार दोस्ती

औसाफ़ में एक कार्टून भी ध्यान खींचता है जिसमें पानी पर बह रहे एक फट्टे पर ढोल रखा है और आसपास के लोग पानी में डूबे हैं. साथ ही लिखा है- धरने को एक महीना पूरा, जश्न ने ज़रूर शामिल हों.

इमेज कॉपीरइट GETTY

दैनिक औसाफ़ की वेबसाइट पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बयान है- हमारी दोस्ती सदाबहार है, जल्द पाकिस्तान का दौरा करूंगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार