एक मस्जिद जहां समलैंगिक भी जा सकते हैं

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एक मुस्लिम बुद्धजीवी ने दक्षिण अफ़्रीक़ा में समलैंगिक फ्रेंड्ली मस्जिद बनाई है.

स्थानीय मुस्लिम समुदाय के एक हिस्से की ओर से उनकी तीखी आलोचना हो रही है और उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं.

केप टाउन में ताज़ हार्गे के इस 'ओपन मस्जिद' में प्रार्थना का नेतृत्व करने के लिए महिलाओं को भी इजाज़त होगी.

ताज़ हार्गे ने बीबीसी को बताया, ''हम इस मस्जिद की शुरुआत खुले दिमाग़ वालों के लिए कर रहे हैं, न कि संकीर्ण सोच रखने वालों के लिए.''

वो कहते हैं कि यह मस्जिद बढ़ रहे इस्लामी कट्टरपंथ को कम करने में मदद करेगी.

ब्रिटेन के मुस्लिम एजुकेशनल सेंटर ऑफ़ ऑक्सफ़ोर्ड में प्रोफ़ेसर हार्गे ने बताया कि अब 'धार्मिक क्रांति' का वक़्त आ गया है.

उन्होंने कहा, ''बीस साल पहले दक्षिण अफ़्रीक़ा में एक शांतिपूर्ण क्रांति हुई थी और नस्लवाद से लोकतंत्र की ओर बदलाव हुआ था. धर्म के मामले में भी हमें ऐसे ही बदलाव की ज़रूरत है.''

सबका स्वागत

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केप टाउन में ही जन्मे हार्गे ने कहा कि इस मस्जिद में हर लिंग, धर्म और लैंगिक रुख़ के लोगों का स्वागत है.

हालांकि, केप टाउन के विशाल मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना की है और हार्गे को 'नास्तिक' तक क़रार दिया है.

एक समूह ने तो इस मस्जिद को बंद करने का भी प्रयास किया था.

दक्षिण अफ़्रीक़ा में इस्लामिक समूहों के संघ, मुस्लिम ज्यूडिशियल काउंसिल ने कहा कि वो इस नई मस्जिद के बारे में जांच कर रहा है और समुदाय की चिंताओं को संज्ञान में लिया है.

लेकिन हार्गे खुली मस्जिद की शुरुआत के अपने विचार पर अडिग हैं और उनका मानना है कि यह इस्लाम के विरुद्ध नहीं है.

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