संयुक्त राष्ट्र में इसराइल पर नरसंहार का आरोप

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फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए अपने भाषण में इसराइल पर ग़ज़ा में नरसंहार कराने का आरोप लगाया है.

अब्बास ने कहा कि ग़ज़ा में "युद्ध अपराधों" में शामिल रहने वाले इसराइली लोगों को दंडित किया जाना चाहिए.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में इस मुद्दे को ले जाएंगे.

Image caption ग़ज़ा में 50 दिनों के संघर्ष में क़रीब 2,100 फ़लस्तीनियों की मौत हो गई.

इसराइल और अमरीका ने अब्बास के भाषण की कड़ी निंदा करते हुए उसे घृणास्पद बताया है.

दो हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए थे

50 दिनों के संघर्ष में क़रीब 2,100 फ़लस्तीनी और 73 इसराइली मारे गए थे. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ उन हमलों में मरने वाले ज़्यादा तर फ़लस्तीनी आम नागरिक थे.

इसराइल का कहना है कि मृतकों की तादाद बढ़ने की वजह यह थी कि हमास के लड़ाकुओं ने आवासीय क्षेत्र से हमले किए जिनमें स्कूल और मस्जिद भी शामिल हैं और इसकी वजह से उन पर भी हमला करना पड़ा.

संवाददाताओं का कहना है कि अब्बास की राजनीतिक स्थिति कमज़ोर हो गई है वहीं इसराइलियों से संघर्ष करने की वजह से ग़ज़ा पर दबदबा रखने वाले चरमपंथी संगठन हमास की लोकप्रियता फ़लस्तीनियों के बीच बढ़ रही है.

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