उत्तर कोरिया: कहाँ हैं किम जोंग उन?

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उत्तर कोरिया के 32 साल के नेता किम जोंग उन 38 दिनों से जनता की नज़रों से दूर हैं.

किम ने इस दौरान दो बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया जिससे देश में तरह-तरह की अफ़वाहों का बाज़ार गर्म है.

सरकारी मीडिया ने किम की सार्वजनिक जीवन से दूरी के लिए अज्ञात व्यक्तिगत कारणों को ज़िम्मेदार बताया है.

विदेशी जानकार भी तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं. लेकिन अधिकतर का मानना है कि इसके पीछे स्वास्थ्य कारण हो सकता है.

कुछ विश्लेषकों का दावा है कि संभवत: किम को सत्ता से बेदखल कर दिया गया है और उन्हें घर में नज़रबंद रखा गया है.

बेदखल?

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Image caption माना जा रहा है कि किम जोंग उन किसी अज्ञात बीमारी से जूझ रहे हैं.

विश्लेषकों का मानना है कि देश की कुछ प्रमुख राजनीतिक और सैन्य ताकतों ने उनके तानाशाही रवैए से नाराज़ होकर उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया है.

किम जोंग उन अपने विरोधियों को बेदर्दी से रास्ते से हटाने के लिए जाने जाते हैं.

दिसंबर 2013 में किम ने अपने चाचा जोंग सोंग को मौत की सज़ा दी थी. इसके अलावा वो देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को भी नहीं सुधार पाए हैं.

इसी वजह से उनके ख़िलाफ़ माहौल तैयार हो रहा था.

गद्दी बरकरार?

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लेकिन राजनीतिक षड्यंत्रों और तख्तापलट की अफवाहों के बावजूद कुछ साक्ष्य इस बात का प्रमाण देते हैं कि किम की गद्दी बरकरार है.

दक्षिण कोरिया के ख़ुफ़िया अधिकारियों का मानना है कि किम स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.

तख्तापलट की कहानी के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा प्रमाण यह बताया जा रहा है कि किम वंश के दबदबे और पारिवारिक लोगों पर निर्भरता के कारण उत्तराधिकार के विकल्प सीमित हैं.

उत्तराधिकारी

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किम के दो भाई हैं लेकिन दोनों ही सत्ता संभालने के लायक नहीं माने जाते हैं. एक विदेश में रहता है जबकि दूसरा नशे का आदी बताया जाता है.

अफवाह है कि किम की छोटी बहन किम यो जोंग को अस्थाई तौर पर नेता बनाया गया है. लेकिन अगर यह सही भी है तो इस बात की संभावना नहीं के बराबर है कि उन्हें नेता के तौर पर स्वीकार किया जाएगा.

किम की सार्वजनिक जीवन से दूरी के पीछे यह स्पष्टीकरण भी दिया जा रहा है कि वह किसी अज्ञात बीमारी से जूझ रहे हैं.

बहरहाल विश्लेषकों का मानना है कि जब भी वह लौटेंगे वे बाहरी दुनिया से संपर्क साधने के प्रयास करेंगे.

(डॉक्टर जॉन स्वेनसन राइट कैथम हाउस में एशिया प्रोग्राम के प्रमुख हैं.)

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