इबोला से लड़े पूरी दुनिया: लाइबेरिया

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लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलीफ़ ने कहा है कि ख़तरनाक वायरस इबोला से जूझने में दुनिया के सभी मुल्कों की साझेदारी ज़रूरी है.

बीबीसी पर प्रसारित दुनिया के नाम जारी एक खत में उन्होंने कहा, "डियर वर्ल्ड, इबोला सभी सरहदों से परे है, इससे लड़ने के लिए दुनिया के सभी मुल्कों को हर मुमकिन प्रयास करने होंगे."

सरलीफ़ कहती हैं, "इबोला से लड़ने के लिए हर उस देश को प्रतिबद्ध होने की ज़रूरत है जिनमें मदद करने की क्षमता है. भले ही वो मदद आकस्मिक पूंजी, स्वास्थ्य उपकरणों की आपूर्ति या कुशल डॉक्टरों के रूप में हो."

वे कहती हैं, "पश्चिम अफ़्रीका के लाखों नागरिकों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता. ये दुनिया भर के देशों का कर्तव्य है कि वे उन्हें मदद का भरोसा दिलाएं."

आर्थिक तबाही

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Image caption इबोला को फैलने से बचाने के लिए हजारों पश्चिम अफ्रीकी नागरिकों को अलग रखा जा रहा है.

राष्ट्रपति जॉनसन सरलीफ़ का कहना है कि इबोला महज़ सेहत से जुड़ा संकट नहीं, बल्कि अफ़्रीका की युवा पीढ़ी के लिए "आर्थिक तबाही" भी है, जिसका वे पल-पल शिकार हो रहे हैं.

जानलेवा वायरस इबोला के संक्रमण से पश्चिम अफ़्रीका में 4,500 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अकेले लाइबेरिया से 2,200 लोग शामिल हैं.

लाइबेरिया के अलावा सियेरा लियोन और गिनी जैसे पश्चिम अफ़्रीकी देश इबोला से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं.

लाइबेरिया, सियेरा लियोन और गिनी में क़रीब 9,000 लोगों में इबोला वायरस का संक्रमण पाया गया है.

एक अनुमान के मुताबिक़ इबोला से संक्रमित क़रीब 70 फ़ीसदी मरीज़ों की मौत हुई है.

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