दुनिया के सबसे अमीर चरमपंथी!

  • 24 अक्तूबर 2014
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इस्लामिक स्टेट के चरमपंथी अभूतपूर्व रफ़्तार से दौलत इकट्ठा करके संभवतः दुनिया के सबसे अमीर चरमपंथी बन गए हैं.

समाचार एजेंसियों के अनुसार इस्लामिक स्टेट सिर्फ़ तेल की कालाबाज़ारी से ही रोज़ाना दस लाख डॉलर (क़रीब छह करोड़ रुपए) कमा रहा है.

अमरीका के ट्रेज़री अंडरसेक्रेटरी डेविड कोहेन ने इस बात की जानकारी दी है.

इस्लामिक स्टेट की कमाई रोकने के मक़सद से अमरीकी प्रशासन ने गुरुवार को इस्लामिक स्टेट से तेल ख़रीदने वालों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी.

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Image caption डेविड कोहेन का कहना है कि आईएस को रोका नहीं गया तो यह अमरीका के लिए ख़तरा बन जाएगा.

इस्लामिक स्टेट ने आक्रामक अभियान के तहत पिछले कुछ महीनों के भीतर ही इराक़ और सीरिया के बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

अमरीका के ट्रेज़री अंडरसेक्रेटरी डेविड कोहेन के मुताबिक़ यदि इस्लामिक स्टेट को नहीं रोका गया तो यह अमरीका और उसके सहयोगी देशों के लिए ख़तरा बन जाएगा.

कार्नेगी एंडाउमेंट फ़ॉर इंटरनेशनल पीस के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "हमने जिन भी चरमपंथी संगठनों का मुक़ाबला किया है, उनमें से कुछ सरकार समर्थित संगठनों को छोड़ दें तो इस्लामिक स्टेट आय के सबसे अच्छे स्रोतों वाला संगठन है."

'जादुई गोली नहीं'

कोहेन ने कहा कि इस्लामिक स्टेट तेल की कालाबाज़ारी, फ़िरौती, वसूली और दूसरी आपराधिक गतिविधियों से हर महीने करोड़ों डॉलर कमा रहा है. संगठन को अमीर दानदाताओं की मदद भी मिल रही है.

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Image caption अमरीका और सहयोगी देशों ने इस्लामिक स्टेट की रिफ़ाइनरियों को निशाना भी बनाया है.

उन्होंने कहा, "हमारे पास ऐसी कोई जादुई गोली या रहस्यमयी हथियार नहीं है, जिससे इस्लामिक स्टेट के ख़जाने को रातों-रात खाली किया जा सके."

कार्नेगी एंडाउमेंट फ़ॉर इंटरनेशन पीस के उपाध्यक्ष मारवान मुआशर ने कहा, "इस्लामिक स्टेट को इस समय दुनिया का सबसे अमीर और वित्तीय प्रबंधन के मामले में सबसे जानकार चरमपंथी संगठन माना जा रहा है."

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