बाहरी ताक़तों से मिस्र को ख़तरा: सीसी

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मिस्र के सिनाई प्रांत में सेना पर हुए चरमपंथी हमले के बाद राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल सीसी ने कहा है कि बाहरी ताक़तों से देश के अस्तित्व को ख़तरा है.

टेलीविज़न पर प्रसारित संदेश में सीसी ने कहा कि देश के ख़िलाफ़ 'बाहरी ताक़तें' बड़ा षडयंत्र कर रही हैं.

उन्होंने कहा, "इनका उद्देश्य मिस्र और मिस्रवासियों को अलग करना है. मिस्र अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है."

शुक्रवार को एल एरिश शहर के निकट हुए दो बम धमाकों में कम से कम 31 सैनिक मारे गए थे.

किसी भी संगठन ने सेना पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

राष्ट्रीय शोक

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Image caption मिस्र में सिनाई के कुछ हिस्सों में आपातकाल लगाने की फ़ैसला किया है.

सिनाई प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में तीन महीने के लिए आपातकाल की घोषणा की गई है और ग़ज़ा पट्टी को जोड़ने वाले रफ़ा क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया गया है.

मिस्र में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है.

उत्तरी सिनाई में सेना के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान के बाद सैनिकों को निशाना बनाया गया है.

वर्ष 2011 में होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल करने के बाद से ही इस इलाक़े में अराजकता का माहौल है.

पिछले साल सेना ने मोहम्मद मोर्सी को भी राष्ट्रपति पद से हटा दिया था, इसके बाद चरमपंथियों के हमलों में तेज़ी आई है.

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