ऑफ़िस में 'ज़हरीले' लोगों से यूँ बचें

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आप ऐसे लोगों से मिले होंगे. आपके साथ काम करने वाले ऐसे लोग जिनके अंदर और आसपास नकारात्मकता होती है. ऐसे लोगों को समस्याएँ पैदा करके, लोगों को ग़ुस्सा दिलाकर मज़ा आता है. वो किसी भी स्थिति में तनाव पैदा करने में माहिर होते हैं.

लिंक्डइन इनफ्लुंसर्स पर इस हफ़्ते का विषय था कि ऑफ़िस में ज़हरीले लोगों और दबंगई कैसे बचा जाए. लेखक और टैलेंटस्मार्ट कंपनी के अध्यक्ष ट्रैविस ब्रैडरबेरी ने अपने लेख में बताया है कि सफल लोग नकारात्मक लोगों से कैसे निपटते हैं.

ब्रैडबेरी उन 12 प्रभावशाली रणनीति के बारे में बताया है जिनका प्रयोग सफल लोग नकारात्मक लोगों से बचने में करते हैं. इनमें से पाँच प्रमुख तरीके निम्न हैंः

नकारात्मक लोगों से बचने के तरीके

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ब्रैडबेरी की कंपनी के शोध में यह बात सामने आई है कि 90 फ़ीसदी सफल लोग अपनी भावनाओं पर नियंत्रण करने में माहिर होते हैं...वो शांत और संयमित होते हैं.

उनकी सबसे बड़ी ख़ूबी होती है कि वो नकारात्मक लोगों के प्रभाव को ख़त्म कर देते हैं.

1. सीमा तय करें

अक्सर लोग विनम्रता दिखाने के लिए शिकायत करने वालों की बात सुनते रहते हैं.

लेकिन किसी के प्रति सहानुभूति रखना और उसकी नकारात्मक बातों में फंसना अलग-अलग बाते हैं.

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ब्रैडबेरी लिखते हैं, "सीमा निर्धारित करके और ज़रूरत पड़ने पर दूरी बनाकर आप इससे बच सकते हैं. इसका सबसे आसान तरीका है कि शिकायत करने वाले से पूछें कि उनके पास समस्या का क्या हल है? ऐसे में वो या तो शिकायत करना बंद कर देंगे या फिर बातचीत परिणामदायक दिशा में मुड़ जाएगी."

2. ऊपर उठिए

ज़हरीले लोग आपको पागल कर देते हैं क्योंकि उनका बरताव बहुत ही अतार्किक होता है.

यकीन मानिए उनका बरताव पूरी तरह तर्क बुद्धि के विपरीत होता है. ऐसे में आप उन्हें भावनात्मक तौर पर जवाब क्यों देते हैं?

ब्रैडबेरी लिखते हैं, "कोई जितना ज़्यादा अतार्किक और बेढब होगा उससे निपटना उतना ही आसान होगा. आप ऐसे लोगों से भावनात्मक रूप से न जुड़े. उनके संग बातचीत को विज्ञान का कोई प्रयोग समझें."

3. अपनी भावनाओं को समझें

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भावनात्मक दूरी बनाए रखने के लिए जागरूकता की ज़रूरत होती है.

अगर आपको यह पता नहीं चलेगा कि कोई आपपर कब हावी होने लगा है तो आप उसे रोक भी नहीं सकते.

ब्रैडबेरी लिखते हैं, "कई बार केवल मुस्करा देना और गर्दन हिलाकर काम चलाना चाहिए...ताकि आपको सोचने के लिए समय मिल जाए."

4. समस्या नहीं, समाधान के बारे में भी सोचें

आपक जिन चीज़ों पर ध्यान देते हैं आपकी मानसिक स्थिति उन्हीं चीज़ों पर निर्भर करती है.

ज़हरीले लोगों के बारे में ये सोचते रहना कि वो कितने सनकी और अड़ियल हैं, ऐसे लोगों की ताकत को बढ़ाता है.

ब्रैडबेरी लिखते हैं, "इसके बजाय यह सोचें कि आप ऐसे लोगों से कैस निपट सकते हैं. इससे आप ज़्यादा प्रभावी तरीके से पेश आ सकेंगे."

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