ऑस्ट्रेलिया में बुर्क़े का विरोध

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ऑस्ट्रेलिया के संसद में तीन लोगों ने अपने अपने चेहरे को ढककर घुसने की कोशिश की है.

इनमें से एक ने एक विशेष तरह का नकाब पहना हुआ था. दूसरे ने हेलमेट पहन रखा था और तीसरे ने बुर्का डाल रखा था.

ये तीनों इस्लामी बुर्के के ऊपर देशव्यापी प्रतिबंध की मांग कर रहे थे.

इस महीने की शुरूआत में संसद की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि संसद में चेहरा ढक कर आने वाले हर व्यक्ति को दर्शक दीर्घा में अलग हटकर बैठना होगा.

'विरोधाभासी' विचारधारा

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इस फ़ैसले ने बुर्क़े और मुस्लिम औरतों के ख़िलाफ़ संभावित रूप से होने वाले भेदभाव के ऊपर देशभर में बहस छेड़ दी है.

संसद के बाहर इन तीनों शख़्स की मुलाकात सुरक्षा अधिकारियों से हुई जिन्होंने उनसे कहा कि वे लोग संसद में इस तरह से हेलमेट और अन्य तरीकों से चेहरे ढक कर नहीं जा सकते हैं.

स्थानीय मीडिया ने इन तीनों व्यक्तियों का नाम सर्जियो रेडेगैली, निक फोक्स और विक्टर वाटरसन बताया है.

इनका आंदोलन 'फ़ेसलेस' नाम से कथित तौर पर सार्वजनिक जगहों पर बुर्का और नकाब पहने जाने का विरोध करता है.

वे दावा करते हैं कि इस्लाम की 'राजनीतिक विचारधारा' ऑस्ट्रेलियाई आस्था की 'विरोधाभासी' है.

ऑस्ट्रेलिया के संसद के सुरक्षा नियमों के मुताबिक़ मुस्लिम औरतों को एक बार सुरक्षा जांच के समय चेहरा दिखाने के बाद बुर्का या नकाब पहन कर अंदर बैठने की इजाज़त है.

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