इबोला पर पश्चिमी अफ़्रीक़ी देशों की तारीफ़

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अमरीका ने इबोला प्रभावित पश्चिमी अफ़्रीक़ी देशों और विदेशी दानकर्ताओं की इबोला से निपटने के प्रयासों के लिए तारीफ़ की है.

अमरीका की संयुक्त राष्ट्र की प्रतिनिधि सामंथा पावर ने इन देशों के दौरे के दौरान कहा कि लाइबेरिया और सिएरा लियोन ने सुरक्षित तरीक़े से शवों को दफ़नाने के मामले में इज़ाफ़ा किया है.

इबोला से मरने वालों के शवों को सुरक्षित तरीक़े से नहीं दफ़नाना इस वायरस के फैलने की एक मुख्य वजह है.

इबोला से इस क्षेत्र में अब तक 5000 लोगों की मौत हो चुकी हैं.

अमरीकी सरकार लगातार इस बात पर ज़ोर देती आई है कि इबोला के वायरस को रोकने का सबसे सही तरीक़ा यह है कि इसे इसके शुरू होने वाले स्थान पर ही रोक दिया जाए.

ऑस्ट्रेलिया में प्रतिबंध

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अमरीकी सरकार ने प्रभावित क्षेत्र से होने वाली यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग को ख़ारिज कर दिया है.

हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने प्रभावित देशों के वीज़ा पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति दे दी है.

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने पश्चिम अफ़्रीक़ी देशों में अपने मेडिकल स्टाफ़ भी नहीं भेजे हैं.

सामंथा पावर के साथ मोन्रोविया में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलिफ़ ने कहा, इस "वैश्विक संकट" से निपटने के लिए "प्रतिबंध लगाना सही क़दम नहीं है" .

उन्होंने इबोला से पीड़ित लोगों को कलंकित करने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है.

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