चुनावों से शांति प्रक्रिया को ख़तरा: पोरोशेंको

  • 4 नवंबर 2014
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यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने कहा है कि देश के पूर्वी हिस्से में रविवार को हुए चुनावों से पूरी शांति प्रक्रिया ख़तरे में पड़ गई है.

एक टीवी संबोधन में उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सरकार दोनेत्स्क और लुहांस्क में हुए चुनावों को कभी स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि इनसे मिंस्क में हुए शांति समझौते का उल्लंघन हुआ है.

पोरोशेंको ने कहा कि वो उस क़ानून को ख़त्म कर सकते हैं जिसके तहत रूस समर्थक विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इन इलाक़ों को विशेष स्वशासन का अधिकार देने की बात कही गई है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, "यूक्रेन ने लगातार मिंस्क समझौते का पालन किया है. लेकिन अन्य पक्षों ने बार-बार इसका उल्लंघन किया है, इसलिए हमें भी अपनी कार्ययोजना में बदलाव करना होगा."

बैठक

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उन्होंने ताज़ा घटनाक्रम पर सोमवार को यूक्रेन के रक्षा मंत्री के साथ बात की जबकि मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा परिषद की बैठक बुलाई है.

अमरीका ने भी दोनेत्सक और लुहांस्क में चुनावों की निंदा की है.

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Image caption पूर्वी यूक्रेन में कई महीनों से अशांति का माहौल है.

जर्मनी पहले ही कह चुका है कि वो रूस के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है क्योंकि रूस रविवार को हुए इन चुनावों का समर्थक है.

जहां पश्चिमी देशों ने इन चुनावों को ग़ैर क़ानूनी बताया, वहीं रूस ने कहा कि वो इनमें मिले जनादेश को स्वीकार करेगा.

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