एंटीबायोटिक्स का विकल्प खोजने का दावा

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नीदरलैंड्स में शोधकर्ताओं ने एंटीबायोटिक्स का विकल्प खोजने का दावा किया है जो एमआरएसए जैसी खतरनाक बीमारियों का सामना करने में कारगर साबित हो सकता है.

नीदरलैंड्स की बायोटेक फर्म ने एक छोटा सा परीक्षण किया है जिसमें देखा गया कि एमआरएसए इंफेक्शन नए ड्रग्स का सामना नहीं कर पाया है.

यह नया ड्रग एक एंजाइम है जो एमआरएसए के बैक्टीरिया को टारगेट करता है और उसे आगे बढ़ने से रोकता है, जो काम एंटीबायोटिक्स नहीं कर पा रहे थे.

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कंपनी ने ये नई जानकारी बुधवार को लंदन में पेश की है.

पिछले साल वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि दवाइयों की दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती वो कुछ ख़ास बैक्टीरिया हैं जिन पर दवाइयों का असर नहीं हो रहा है.

नीदरलैंड्स की बायोटेक फर्म मिसरियोस के प्रमुख मार्क ऑफरहॉस ने लंदन में विज्ञान से जुड़ी एक बैठक में इस नए एंजाइम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एंटीबायोटिक रोधी बैक्टीरिया से लड़ाई की दिशा में ये नई शुरुआत है और इससे लाखों लोगों को फायदा हो सकता है.

एमआरएसए यानी मेथिसिलीन रेसिस्टेंट स्टैफिलोकॉकस ऑरियस एक ऐसा बैक्टीरिया है जिससे त्वचा, रक्त और हड्डियों में इंफेक्शन होता है और इस बैक्टीरिया पर एंटी बायोटिक्स का कोई असर नहीं पड़ता है. पिछले कुछ समय में एंटीबायोटिक्स विरोधी बैक्टीरिया ने अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को काफी परेशान कर रखा है.

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