'यूरोप के शहरों में सामाजिक आपातकाल'

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पोप फ्रांसिस ने चेतावनी दी है कि यूरोप के शहर, बाहरी लोगों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की वजह से सामाजिक आपातकाल का सामना कर रहे हैं.

सेंट पीटर्स स्क्वॉयर पर अपने साप्ताहिक संबोधन में पोप फ्रांसिस ने कहा कि यूरोप के शहरों में स्थानीय और बाहरी लोगों के बीच तनाव को कम करने की ज़रूरत है.

'फ़ौरन ध्यान देने की ज़रूरत'

पोप फ्रांसिस के इस बयान से कई दिन पहले रोम के पड़ोसी इलाक़े में आश्रय लेने वाले बाहरी लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा हुई थी.

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इस हिंसा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''बीते कुछ दिनों में रोम में हमने स्थानीय लोगों और बाहरी लोगों के बीच तनाव देखा है. यूरोप के अन्य शहरों में भी ऐसा ही हो रहा है. ख़ासतौर पर कामकाजी लोगों के बीच जहां कई दिक्क़ते हैं.''

पोप फ्रांसिस का कहना है, ''मैं सरकार और अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे इस मुद्दे पर कार्रवाई करें क्योंकि इस पर यदि फौरन ध्यान नहीं दिया गया तो इसके ख़तरे बढ़ सकते हैं.''

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