भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए पांच समझौते

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दौरे के अंतिम दिन मंगलवार को राजधानी कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया.

इस मौक़े पर मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबट को बधाई दी.

उन्होंने अपने भाषण में दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों को याद करते हुए ऑस्टेलियाई वकील जॉन लैंड का ज़िक्र करते हुए कहा कि जॉन लैंड ने भारत की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी लक्ष्मीबाई के लिए ब्रिटिश सरकार से क़ानूनी लड़ाई लड़ी थी.

साथ ही उन्होंने क्रिकेटर डॉन ब्रैडमैन, शेन वार्न और भारत के सचिन तेंदुलकर का ज़िक्र कर क्रिकेट के ज़रिए सासंदों का दिल जीतने की कोशिश की.

उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

सहयोग

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Image caption ऑस्ट्रेलिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर मोदी ने दिया जोर.

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के समृद्ध भौगोलिक और सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की.

इस मौक़े पर उन्होंने भारत में बदलते राजनीतिक हालात की चर्चा करते हुए कहा, "भारत में 30 साल बाद एक स्पष्ट बहुमत वाली सरकार आई है और नौजवान पीढ़ी में आकांक्षाओं का ज्वार है. हम पिछले छह महीनों में आगे बढ़े हैं."

उन्होंने चरमपंथ, मनी लॉंड्रिंग, ड्रग और हथियार तस्करी पर अंकुश लगाने की ज़रूरत पर भी बल दिया और एक मज़बूत द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की भी बात कही.

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को भारत के विकास में साझीदार बनने की भी दावत दी.

समझौते

उन्होंने संसद में यह भाषण अंग्रेज़ी में दिया. हालांकि एक जगह उन्होंने ग़लती से रिन्यूवल एनर्जी को 'रिन्यूवल एलर्जी' बोल दिया.

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इस दौरे में दोनों देशों के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर सहयोग और आर्थिक विकास समेत पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इसके अलावा व्यापक आर्थिक समझौते पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी.

प्रधनमंत्री मोदी यहां से मेलबर्न के लिए रवाना हुए, जहां से वो फ़िजी की यात्रा पर जाएंगे.

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