यूक्रेनः युद्धविराम के बाद 1000 की मौत

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संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पूर्वी यूक्रेन में 5 सितंबर को हुए युद्धविराम के बाद से औसतन 13 लोग रोज़ मारे जा रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि संधि के लागू होने के बाद से यूक्रेन और रूस की ओर से लगातार उल्लंघन के चलते आठ हफ़्तों में 957 लोग मारे गए.

रिपोर्ट में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले दोनेत्स्क और लुहांस्क में कानून और व्यवस्था पूरी तरह ढह जाने की बात कही गई है.

इसमें सरकारी सेनाओं के दुर्व्यवहार के विश्वसनीय आरोपों का भी उल्लेख किया गया है.

रूस पर आरोप लगते रहे हैं कि वो विद्रोहियों को सैन्य मदद देकर हिंसा भड़का रहा है हालांकि वे इस आरोप से इनकार करता है.

'निरीक्षकों पर गोली चलाई'

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यूक्रेन में मौजूद संयुक्त राष्ट्र दल ने गुरुवार को कहा है कि अप्रैल से जारी संघर्ष में अब तक 4,317 लोग मारे गए हैं.

पिछले दो महीने के दौरान यूक्रेन में आंतरिक विस्थापित लोगों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और यह संख्या 275489 से 466829 तक पहुंच गई है.

रिपोर्ट के अनुसार विदेशी लड़ाकों, (जिनमें रूसी संघ के पूर्व सैनिक भी शामिल हैं) और भारी मात्रा में मौजूद हथियारों से मानवाधिकार की स्थिति सीधे प्रभावित हुई है.

पूर्वी यूक्रेन में पिछले साल अप्रैल में तब संघर्ष शुरू हुआ था जब यूक्रेन सरकार ने रूस समर्थक विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों पर फिर कब्ज़े के लिए अभियान शुरू किया था. रूस ने यूक्रेन के क्राइमिया पर कब्ज़ा कर लिया था.

बेलारूस की राजधानी मिंस्क में हुए समझौते के अनुसार यूरोपीय सुरक्षा संस्था (ओएससीई) के निरीक्षकों को पूर्वी इलाक़ों और रूस की सीमा की निगरानी करनी थी. लेकिन निरीक्षकों ने शिकायत की है कि सरकार के नियंत्रण वाले इलाक़े के पास वे ख़ुद ही गोलीबारी की चपेट में आ गए थे.

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