ईरान: ग़ोन्चे ग़वामी आख़िरकार बेल पर रिहा

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ईरान में पुरुषों के वॉलीबॉल मैच देखने की कोशिश में गिरफ़्तार हुई ग़ोन्चे ग़वामी को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है.

ग़ोन्चे के भाई ईमान ग़वामी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि स्वास्थ्य कारणों से उन्हें ज़मानत पर रिहा किया गया है और वो तेहरान में अपने परिवार के साथ रहकर अदालत के फ़ैसले का इंतज़ार करेंगी.

ईरानी मूल की ब्रितानी महिला 25 वर्षीय ग़वामी को 20 जून को गिरफ़्तार किया गया था जब वो कुछ महिलाओं के साथ पुरुषों के वॉलीबॉल मैच देखने की कोशिश कर रही थीं.

उन सभी महिलाओं को रिहा कर दिया गया था लेकिन ग़ोन्चे ग़वामी को दोबारा गिरफ़्तार कर उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया था.

सरकारी वकीलों ने उन पर विपक्षी पार्टी से संपर्क रखने के भी आरोप लगाए हैं.

रिहाई की अपील

ग़वामी ने जेल में ही भूख हड़ताल कर दी थी जबकि जेल के बाहर हज़ारों लोगों ने उनकी रिहाई के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया था.

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अभियोजन पक्ष ने उन्हें सरकार के ख़िलाफ़ प्रचार करने का दोषी पाते हुए एक साल की सज़ा सुनाई है. ग़वामी ने इसके ख़िलाफ़ ईरान की अदालत में अपील की है.

ग़ोन्चे के भाई ईमान ने कहा, ''हर कोई जानता है कि उसने कुछ नहीं किया और उसे पिछले पांच महीने से जेल में नहीं होना चाहिए था.''

ईरान में महिलाओं को पुरुषों के वॉलीबॉल और फ़ुटबॉल मैच देखने की आज़ादी नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं को पुरुष प्रशंसकों के भद्दे व्यवहार से बचाने की ज़रूरत है.

संशय बरक़रार

लेकिन ग़ोन्चे ग़वामी के केस में कई चीज़ें अभी भी स्पष्ट नहीं हैं.

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Image caption ग़ोन्चे की रिहाई के लिए अपील

ग़ोन्चे के वकील ने दो नवंबर को कहा था कि अदालत ने उन्हें सरकार के ख़िलाफ़ प्रचार करने का दोषी पाया है.

लेकिन सरकारी वकील ने इसकी पुष्टि नहीं की थी जिसके बाद ग़ोन्चे के परिवार वालों ने न्यायपालिका पर आरोप लगाए थे कि ग़ोन्चे ग़वामी के केस को लटकाया जा रहा है.

इसके बाद सरकारी पक्ष ने समाचार एजेंसी इस्ना को 18 नवंबर को बताया कि ग़ोन्चे ग़वामी के केस पर पुनर्विचार किया जा रहा है और उन पर विदेश में सरकार विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए मुक़दमा चल रहा है, वॉलीबॉल मैच देखने का प्रयास करने के लिए नहीं.

शनिवार को ग़ोन्चे के परिजनों ने कहा कि उन्होंने फ़ैसले की कॉपी देखी है जिनके तहत ग़ोन्चे को एक साल की सज़ा सुनाई गई है और दो साल तक उनके विदेश जाने पर पाबंदी लगा दी गई है.

लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि ग़ुन्चे को किस चीज़ का दोषी पाया गया है.

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