नेपाली अख़बारों में छाई मोदी की रद्द यात्रा

नरेंद्र मोदी, नेपाली अख़बार

भारतीय प्रधानमंत्री के नेपाल में जनकपुर, लुंबिनी और मुक्तिनाथ की यात्रा रद्द करने की ख़बर प्रमुख अख़बारों में सुर्खियां बनी हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार 'काठमांडू पोस्ट' ने पहले पन्ने पर हेडलाइन दी है, 'मोदी नेपाल में सिर्फ़ बैठक के लिए आएंगे'.

एक दूसरे अंग्रेज़ी अख़बार 'रिपब्लिका' की हेडलाइन है, 'मोदी ने काठमांडू के बाहर सभी यात्राओं को रद्द किया.'

'काठमांडू पोस्ट' ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा है कि जनकपुर में नरेंद्र मोदी बरहा बीघा मैदान में लोगों को संबोधित करने वाले थे, लेकिन इससे काठमांडू के राजनीतिक गलियारों में और सुशील कोइराला कैबिनेट के भीतर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया.

अख़बार के मुताबिक़, मोदी का दौरा रद्द होने की ये एक महत्वपूर्ण वजह मानी जा रही है.

असमंजस

Image caption भारत के प्रधानमंत्री सार्क शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नेपाल जाएंगे.

अख़बार ने लिखा है, मुश्किलें उस वक्त शुरू हुईं जब सरकार के एक मंत्री बिमलेंद्र निधि, जिन्हें जनकपुर में नरेंद्र मोदी का स्वागत करने की ज़िम्मेदारी दी गई थी, उनका गुरुवार को एक बयान आया कि राजनीतिक उठापठक और यूसीपीएन (माओवादी) और मधेश पार्टियों के व्यवहार के कारण इसे रद्द कर दिया गया है.

इस बयान के बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के बयान आए कि जनकपुर, लुंबिनी और मुक्तिनाथ में मोदी यात्रा को लेकर तैयारी जारी है.

अख़बार के मुताबिक, भारतीय दूतावास की ओर से भी ये कहे जाने पर कि भारत की ओर से यात्रा रद्द किए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है, स्थिति साफ़ नहीं हुई.

'रिपब्लिका' ने नरेंद्र मोदी की काठमांडू से बाहर यात्रा को रद्द करने की ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार लिखता है कि जनकपुर में स्थानीय लोगों ने यात्रा रद्द होने पर प्रदर्शन किए हैं और आरोप लगाया है कि सरकार ने नरेंद्र मोदी की यात्रा रोकने के लिए षड्यंत्र किया.

'सुनहरा मौका था'

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'काठमांडू पोस्ट' ने भगवान बुद्ध के जन्म स्थान लुंबिनी से ख़बर में बताया है कि वहां लोग मोदी के नहीं जाने के कारण निराश हैं.

अख़बार ने एक वक्तव्य को ख़बर की हेडलाइन बनाया है- मोदी की यात्रा रद्द होने से लुंबिनी को भारी नुकसान.

अख़बार ने लुंबिनी डेवलेपमेंट ट्रस्ट के अजीतमान तमांग के हवाले से कहा है कि मोदी की यात्रा के दौरान तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने वाले थे, जिससे लुंबिनी के विकास में मदद मिलती.

इन तीन समझौतों में से एक समझौता 33 करोड़ नेपाली रुपए से बनने वाले एक ऑडिटोरियम के निर्माण से भी जुड़ा था.

अख़बार ने अजीतमान तमांग को ये कहते हुए बताया है कि ये यात्रा लुंबिनी के लोगों के लिए एक सुनहरा मौका थी कि वो भारतीय प्रधानमंत्री को सीमा से जुड़ी परेशानियों के बारे में बता पाते, जो कि अब नहीं हो पाएगा.

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