फ़र्गसन कांड: दंगा, कई शहरों में प्रदर्शन

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Image caption अमरीका में मिज़ूरी राज्य के फ़र्गसन में दंगाइयों ने कई इमारतों को आग के हवाले कर दिया.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक काले अमरीकी युवक की पुलिस अफ़सर की गोली से मौत के बाद, ग्रैंड ज्यूरी के मुकदमा नहीं चलाने के मामले का शांतिपूर्ण हल निकालने की अपील की है.

अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने यह अपील मिज़ूरी राज्य के फ़र्गसन इलाक़े में न्यायिक फ़ैसले पर भीषण दंगा भड़कने के बाद की है.

अमरीका के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिनमें 80 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इनमें से 61 लोग फर्गसन में ही गिरफ्तार हुए.

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Image caption फ़र्गसन में दंगाइयों ने पुलिस की गाड़ियों को भी नहीं बख़्शा. जलती हुई कार से बचने के प्रयास में भागता अमरीकी पुलिसकर्मी.

दंगा काले निहत्थे नौजवान माइकल ब्राउन की पुलिस की गोली से हुई मौत के बाद भी फैला था. लेकिन इस मामले में ग्रैंड ज्यूरी के गोरे पुलिस अफ़सर के ख़िलाफ़ मुकदमा नहीं चलाने के फ़ैसले के बाद फिर से भीषण दंगा भड़क गया है.

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Image caption फ़र्गसन के उपनगर सेंट लुई में पुलिस को दंगाइयों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा.

ओबामा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह समझा जा सकता है कि कुछ अमरीकी इस फ़ैसले से निराश और नाराज़ हैं.

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Image caption प्रदर्शनकारी लॉस एंजल्स के बेवर्ली हिल्स की सड़कों पर लेट गए और यातायात जाम कर दिया.

माइकल ब्राउन के परिवार ने इस फ़ैसले पर निराशा जताते हुए आम लोगों से हिंसा ना करने की अपील की है.

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Image caption प्रदर्शनकारियों ने ज्यूरी के गठन पर भी सवाल उठाए हैं. ज्यूरी के कुल 12 सदस्यों में 9 गोरे थे.

नौ अगस्त को 18 साल के माइकल ब्राउन एक दुकान से जबरन सिगार का पैकेट उठाकर निकल गए थे जिसके बाद पुलिस को इत्तिला दी गई थी.

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Image caption कई इलाक़ों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों का सीधा आमना-सामना हुआ. प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे.

कुछ ही देर में पुलिस अफ़सर डैरन विल्सन के साथ उनकी झड़प हुई और कथित तौर पर विल्सन ने उन्हें गोली मार दी.

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Image caption फ़र्गसन में लोगों में ज्यूरी के फ़ैसले पर बहुत गुस्सा है. पुलिस की तरफ़ लपकने की कोशिश कर रहे एक प्रदर्शनकारी को रोकते उसके साथी.

फ़र्गसन इलाके में 70 प्रतिशत आबादी काले लोगों की है और 30 प्रतिशत गोरे हैं लेकिन स्थानीय पुलिस बल के 53 सदस्यों में सिर्फ़ तीन काले हैं.

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Image caption फ़र्गसन में दंगाइयों का गुस्सा कारों पर भी उतरा. दंगाइयों ने कई कारों को आग के हवाले कर दिया.

ये भी बहस का बड़ा विषय बना है और साथ ही ग्रैंड ज्यूरी के गठन पर भी सवाल उठाए गए हैं. ग्रैंड ज्यूरी के 12 सदस्यों में से नौ गोरे हैं और तीन काले.

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