'सार्क की नाकामी के लिए भारत ज़िम्मेदार'

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पाकिस्तानी मीडिया ने नेपाल में हाल में हुए सार्क शिखर सम्मेलन में कोई ठोस पहल न होने के लिए भारत के विरोधी रवैये को ज़िम्मेदार ठहराया है.

पाक अख़बारों का कहना है कि भारत के उदासीन रवैये की वजह से प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ भारत और किसी अन्य देश के साथ अपने रिश्तों को आगे नहीं बढ़ा पाए.

नरेंद्र मोदी ने नवाज़ शरीफ़ के अलावा सम्मेलन में मौजूद सभी क्षेत्रीय नेताओं से द्विपक्षीय बैठक की.

एक हफ़्ते से ज़्यादा वक़्त तक मीडिया में अटकलबाज़ी चलती रही कि क्या मोदी और शरीफ़ बात करेंगे और आख़िरकार 27 नवंबर को दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया.

बाधक

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पाकिस्तानी अख़बारों का ऐसा मानना है कि दक्षिण एशिया के विकास में भारत का रवैया बाधा बन रहा है.

डेली एक्सप्रेस का संपादकीय कहता है, "अगर भारत वास्तव में दक्षेस देशों का विकास चाहता है तो उसे पाकिस्तान के प्रति अपने शत्रुतापूर्ण रवैए को बदलना होगा"

वहीं नवा-ए-वक़्त का कहना है, "सम्मेलन के दौरान उन्होंने (प्रधानमंत्री नवाज शरीफ) जो उदासीन रवैया देखा, उस लिहाज़ से व्यापार, आवागमन और वीज़ा छूट में पाकिस्तान एकतरफ़ा रियायतें नहीं दे सकता है."

जसारत ने भी कुछ ऐसी ही धारणाएं व्यक्त की हैं.

हथियार बिक्री

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Image caption पाकिस्तानी अख़बारों के मुताबिक सार्क सम्मेलन में पाक के प्रति भारत का रवैया उदासीन रहा.

अख़बार कहता है, "दो प्रमुख देशों भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव सार्क की असफलता का एक प्रमुख कारण है. अगर काठमांडू सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच बातचीत होती, तो तनाव काफ़ी हद तक कम हो गया होता."

वहीं डेली टाइम्स का कहना है, "ऐसा लग रहा था कि इस शिखर सम्मेलन में पुरानी और थकाऊ चीज़ें ही दोहराई जा रही थीं. लंबे समय तक इस क्षेत्र की मज़बूती और संभावनाओं का फ़ायदा तब तक नहीं उठाया जा सकता जब तक कुछ देश ख़ासतौर पर पाकिस्तान और भारत अपने इतिहास और वर्तमान के दायरे में क़ैद रहेंगे."

इस बीच पाकिस्तानी मीडिया में एक ख़बर और छाई रही कि पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरीज़ के अध्यक्ष के मुताबिक़ पाकिस्तान हथियार बनाकर क़रीब 40 देशों को बेच रहा है जिससे उसे सालाना दो करोड़ डॉलर की कमाई हो रही है.

इस सरकारी संस्थान पर पाकिस्तान की सेना के लिए हथियार और गोला बारूद बनाने की ज़िम्मेदारी है.

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक़ भारत और चीन के बाद पाकिस्तान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है.

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