इमरान का 'प्लान सी':16 दिसंबर को पाकिस्तान 'बंद'

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पाकिस्तान तहरीक़ ए इंसाफ़ के प्रमुख इमरान ख़ान ने आम चुनावों में कथित धांधली और उसकी निष्पक्ष जांच न होने के विरोध 16 दिसंबर को पूरा पाकिस्तान 'बंद' की घोषणा की है.

रविवार को इस्लामाबाद में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विरोध का ये सिलसिला चार दिसंबर को लाहौर से शुरू होगा और उसके बाद आठ दिसंबर को फ़ैसलाबाद और 12 दिसंबर को कराची बंद होगा.

प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव में धांधली की जांच नहीं करवाई तो वह 'प्लान डी' पेश करेंगे जिसे सहन करने की ताकत शायद सत्ताधारी दल में नहीं होगी.

इमरान ख़ान ने अपने पुराने आरोपो को फिर दोहराया कि धांधली में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी और पूर्व न्यायाधीश ख़लील रम्दे शामिल थे.

गौरतलब है कि इमरान ख़ान ने जिस तारीख को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है वह पाकिस्तान के इतिहास में एक काला दिन के रूप में याद रखा जाता है.

16 दिसंबर 1971 को पूर्वी पाकिस्तान पश्चिमी पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश बन गया था.

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इस बीच, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि वह साजिश का हिस्सा बनकर लोकतंत्र की नाव नहीं डुबोएगें.

स्थानीय मीडिया के अनुसार ज़रदारी का यह भी कहना था कि 'गो नवाज़़ गो’ का नारा उनके कार्यकर्ताओं को भी अच्छा लगता है, लेकिन उन्हें कोई जल्दी नहीं है.

इमरान ख़ान की सरकार विरोधी अभियान की ओर इशारा करते हुए ज़रदारी ने कहा कि कप्तान को गेंदबाज़ी करने दो, जब कप्तान पिच ठीक कर लेगें तब वह आ जाएंगे.

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