बंद पाकिस्तान के लिए ख़तरनाक: पाक मीडिया

  • 1 दिसंबर 2014
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पाकिस्तानी अख़बारों में विपक्ष के नेता इमरान ख़ान के इस ऐलान पर चिंता जताई जा रही है कि उनकी पार्टी देश को 'बंद' कर देगी. अख़बारों को लगता है कि ये देश के लिए खतरनाक हो सकता है.

इमरान ख़ान ने यह ऐलान राजधानी इस्लामाबाद के डी-चौक पर समर्थकों की एक भीड़ को संबोधित करते हुए किया.

डॉन अख़बार ने इमरान ख़ान के हवाले से लिखा, "गुरुवार (4 दिसंबर) को मैं लाहौर जाऊंगा और उसे बंद कर दूंगा. आठ दिसंबर को मैं फ़ैसलाबाद जाऊंगा और उसे बंद कर दूंगा. 12 दिसंबर को मैं कराची जाऊंगा और उसे बंद कर दूंगा. और 16 दिसंबर तक मैं पूरे पाकिस्तान को बंद कर दूंगा."

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पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर और पीटीआई (पाकिस्तान तहरीके इंसाफ़) नेता 2013 के आम चुनाव में कथित धांधलेबाज़ी के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं.

'कुछ भी नया नहीं'

इमरान पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान के कई इलाक़ों में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

पाकिस्तान टुडे का कहना है कि इमरान ख़ान और उनकी पार्टी को समझना चाहिए कि 'पूरे देश को बंद कर देने से उन लोगों को ही तकलीफ़ होगी जिनका प्रतिनिधित्व करने का वह दावा करते हैं.'

डॉन को चिंता है कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पिछले प्रदर्शनों से भी खराब हो सकता है.

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अख़बार कहता है, "विभिन्न शहरों में किसी बंद जगह, जैसे कि स्टेडियम आदि में रैली करना अलग बात है और पूरे दिन के लिए आम लोगों की आवाजाही को बंद कर देने की धमकी देना एकदम अलग बात है."

अख़बार ने लिखा है कि सरकार को इमरान खान से चर्चा करनी चाहिए क्योंकि 'यह देश के हक़ में है कि लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो जाए.'

द नेशन ने लिखा है कि इमरान ख़ान की योजना में कुछ भी नया नहीं है.

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अख़बार कहता है, "इसमें नया कहने को कुछ भी नहीं है. हम सब यह पहले सुन चुके हैं और पीटीआई के हाथों पहले सब अनुभव कर चुके हैं."

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