तुर्की: पत्रकारों की गिरफ़्तारी की निंदा

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तुर्की में बड़े पैमाने पर पत्रकारों की गिरफ़्तारी की यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने कड़ी निंदा की है और तुर्की सरकार के क़दम को 'लोकतंत्र विरोधी' बताया है.

यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रमुख फ़ेडरीका मोगेरीने ने कहा, "ये गिफ़्तारियां यूरोपीय मूल्यों के ख़िलाफ़ हैं."

उन्होंने कहा कि ये घटना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों में से एक 'मीडिया की स्वतंत्रता' को ठेस पहुंचाती है.

समानांतर सरकार

तुर्की पुलिस ने देश के प्रमुख अख़बारों और टीवी चैनलों के कम से कम 24 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

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इन पर विपक्षी दल के साथ सांठगांठ कर सत्ता पर क़ब्ज़ा करने का आरोप लगाया गया है.

सरकार ने अख़बार ज़मन और समनयोलू टीवी चैनल पर एक अमरीकी इस्लामी धर्म गुरु फ़ैतुल्ला गुलेन से संबंध रखने का भी आरोप लगाया.

फ़ैतुल्ला तुर्की के राष्ट्रपति रेचैप तैय्यप एर्दोगन के पूर्व सहयोगी हैं और स्वघोषित निर्वासित आध्यात्मिक नेता हैं.

उन पर तुर्की में समानांतर सरकार चलाने का आरोप है.

बयान के बाद छापे

राष्ट्रपति एर्दोगन ने हाल ही में गुलेन के समर्थकों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ने की बात कही थी.

उनके बयान के बाद ही मीडिया प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की गई.

ज़मन के प्रधान संपादक ने गि़रफ़्तारी के बाद कहा, "हम इससे नहीं डरेंगे क्योंकि डरते वे लोग हैं, जो अपराध करते हैं."

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