पाक: आतंकवाद मामलों में मृत्युदंड से रोक हटी

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पाकिस्तान में उन मामलों में फाँसी की सज़ा पर से लगी रोक हटा दी गई है जहाँ किसी को आतंकवाद से जुड़े मामले में ये सज़ा दी गई हो. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ये बयान जारी किया है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि चरमपंथ से जुड़े मामलों में सुनवाई तेज़ होनी चाहिए और क़ानून में कमज़ोरी के चलते चरमपंथियों के बच निकलने का कोई रास्ता नहीं होना चाहिए.

पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए हमले के बाद नवाज़ शरीफ़ की अपील पर सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने एक बैठक की, जिनमें शरीफ़ के ख़िलाफ़ लंबे वक्त से अभियान चला रहे तहरीक-ए-तालिबान के नेता इमरान ख़ान भी शामिल हुए.

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अफ़ग़ानिस्तान के साथ सहयोग

बैठक के बाद नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि अच्छे और बुरे तालिबान में कोई फ़र्क नहीं किया जाएगा.

उन्होंने ये भी कहा कि अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान ने तय किया है कि एक-दूसरे की ज़मीन को चरमपंथ के लिए इस्तेमाल नहीं होने देंगे.

नवाज़ शरी़फ़ ने इस बात की भी घोषणा की है कि चरमपंथियों से निपटने के लिए एक कार्ययोजना सात दिन में बनाई जाएगी जिसके लिए समिति का गठन किया गया है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि चरमपंथ का हर तरह से, हर जगह पर मुकाबला किया जाएगा और गुप्तचर नेटवर्क को मज़बूत बनाया जाएगा.

उन्होंने इमरान ख़ान और अन्य नेताओं का इस बैठक में आने के लिए धन्यवाद किया.

इमरान ख़ान ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी को इकट्ठा आना चाहिए, ताकि इसका मिलकर हल निकाला जा सके.

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