मासूमों के चेहरे सामने रखकर लड़ेंगे: शरीफ़

  • 17 दिसंबर 2014
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पाकिस्तान में पेशावर के आर्मी स्कूल पर हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि सेना को आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग मासूम बच्चों के चेहरों को सामने रखकर लड़नी होगी.

मंगलवार को हुए इस हमले में 132 बच्चों समेत 140 से अधिक लोग मारे गए और अनेक घायल हैं.

मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानंत्री शरीफ़ ने कहा, "पाकिस्तान दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ जिहाद लड़ रहा है और इन कुर्बानियाँ को ज़ाया नहीं होने दिया जाएगा. सेना अपने ऑपरेशन अंजाम तक पहुँचाएगी."

शरीफ़ ने कहा, "हमें याद रखना होगा कि किस तरह नन्हें बच्चों के चेहरों को गोलियों से छलनी किया गया. इससे दर्दनाक क्या हो सकता है."

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नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि पहले संसद में बहस के बाद तालिबान के साथ बातचीत का दौर शुरु किया गया था लेकिन उसका नतीजा सभी के सामने है.

उन्होंने ये भी कहा कि पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान के साथ चर्चा के बाद तय हुआ है वे भी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाएँगे.

गहरी चुप्पी और मातम

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पूरे पाकिस्तान में गहरी चुप्पी और मातम छाया हुआ है.

पाकिस्तान में तीन दिन का शोक है जबकि भारत में संसद ने इस घटना की निंदा की है और स्कूली बच्चों ने मृतकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा है.

इस्लामी रीति रिवाज के अनुसार मंगलवार शाम से ही मृतकों का अंतिम संस्कार हो रहा है. इनमें से अनेक का नमाजे जनाजा हो गया है और कई अन्य का चल रहा है.

फूलों से ढके बच्चों के कई ताबूत रखे हुए हैं और उनके इर्द-गिर्द शोक में डूबी भीड़ खड़ी है.

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कुछ परिवार अस्पताल के बाहर अपने बच्चों की सलामती की दुआ करते हुए खड़े हैं.

बीबीसी संवाददाता शाइमा खलील के अनुसार, ''जो स्कूल आम दिन की तरह शुरू हुआ था वो देखते ही देखते कत्लगाह में बदल गया."

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'क्रूरता दिखाई'

दुनिया भर के प्रमुख नेताओं ने तालिबान के इस क्रूर हमले की निंदा की है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि चरमपंथियों ने एक बार फिर अपनी क्रूरता दिखाई है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने हमले को कायरता बताया और इसे दिल दहला देने वाली घटना कहा है.

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की है.

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तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पेशावर के स्कूल में हुए हमले को जायज ठहराया था. उधर अफ़ग़ान तालिबान ने इस कार्रवाई को ग़ैर-इस्लामी ठहराया है.

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पाकिस्तानी तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने कहा है कि उत्तरी वज़ीरिस्तान और ख़ैबर प्रांत में चरमपंथ विरोधी कार्रवाई के ख़िलाफ़ यह हमला किया गया है.

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