मंज़़ूर नहीं लखवी की ज़मानत : भारत

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पाकिस्तान की अदालत ने ज़कीउर रहमान लखवी को मुंबई हमलों से जुड़े मामले में ज़मानत दे दी है. उन पर 2008 में हुए मुंबई हमलों की साज़िश रचने का आरोप हैं.

भारत के विदेश मंत्रालय ने लखवी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अकबरूद्दीन ने पत्रकारों से कहा, "लखवी को ज़मानत दिया जाना उन आतंकवादियों के लिए एक तरह से भरोसे देने वाली बात है जो इस तरह के जघन्य अपराध करते हैं. आतंकवाद को लेकर इस तरह का सिलेक्टिव रवैया नहीं होना चाहिए."

अकबरूद्दीन का कहना था, "आतंकवाद के मामले पर कोई समझौता नहीं हो सकता. हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि मुंबई हमलों की योजना पाकिस्तान में बनी थी, इसके लिए लोगों को प्रशिक्षण वहाँ मिला, पैसा भी वहीं से मिला था. ये पाकिस्तान सरकार की ज़िम्मेदारी है वो सुबूत उपलब्ध कराए."

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मुंबई हमलों का हवाला देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में 99 फ़ीसदी सुबूत पाकिस्तान में हैं और एक फ़ीसदी हमने दिया है.

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "लखवी को ज़मानत मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है. कहीं न कहीं ऐसा लगता है कि शायद या तो पाकिस्तान सरकार की ओर से पैरवी में कमी है या कोई और करण है. भारत ने तो पाकिस्तान को पर्याप्त सुबूत दिए हैं. हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान सरकार अदालत में अपील कर ज़मानत रद्द कराने की कोशिश करेगी."

लखवी घटनाक्रम पर जब पत्रकारों ने राजनाथ सिंह से पूछा कि क्या इससे पाकिस्तान से संबंधों पर असर पड़ेगा तो उन्होंने ज़्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया.

मुंबई हमला

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मुंबई की विशेष अदालत ने 2009 में कई लोगों के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किया था जिसमें लश्कर-ए-तैबा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और ज़की-उर रहमान लखवी भी शामिल थे.

लखवी के वकील रिज़वान अब्बासी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है, "हमने दस दिसंबर को पाकिस्तान में आतंक निरोधी अदालत में ज़मानत की याचिका दायर की थी. दोनों तरफ़ के तर्क सुनने के बाद जज ने ज़मानत देने का फ़ैसला किया है."

पाकिस्तान में बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक के मुताबिक अभियोजन पक्ष लखवी को ज़मानत दिए जाने का विरोध करने के बारे में सोच रही है.

भारत लगातार आरोप लगाता रहा है कि मुंबई हमलों के लिए लशकर-ए-तैबा संगठन ज़िम्मेदार है.

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