जॉर्डन में 11 लोगों को फांसी

  • 21 दिसंबर 2014
मौत की सज़ा

जॉर्डन में मौत की सज़ा पर लगी रोक को हटाकर 11 लोगों को फांसी दी गई है. इन लोगों पर हत्या का दोष साबित हुआ था.

गृह मंत्रालय का कहना है कि सभी 11 लोग जॉर्डन के नागरिक थे और उन्हें रविवार को तड़के फांसी पर लटकाया गया.

जॉर्डन में मौत की सज़ा पर 2006 से रोक लगी हुई थी. अधिकारियों ने मौत की सज़ा पर लगी रोक हटाने की कोई वजह नहीं बताई है.

अपराधों में वृद्धि

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार जॉर्डन के गृह मंत्री हुसैन माजली ने हाल ही में कहा था कि लोगों का मानना है कि मौत की सज़ा पर रोक से अपराधों में वृद्धि हुई है.

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Image caption मध्य पूर्व के कई देशों में मौत की सज़ा के विरोध में प्रदर्शन भी हुए हैं

इससे संकेत मिले थे कि सरकार मौत की सज़ा पर लगी रोक जल्द हटा सकती है.

जॉर्डन में 2006 से अब तक 122 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है.

मध्यपूर्व और एशिया के कई देशों में गंभीर अपराधों के लिए मौत की सज़ा दी जाती है. इन देशों में सऊदी अरब भी शामिल है जहां इस साल अब तक 80 से ज्यादा लोगों को मौत की सज़ा दी गई है.

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