'योनि' के चित्र बनाने पर मामला दर्ज

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जापान की एक महिला के ख़िलाफ़ अश्लीलता फैलाने के आरोप में बुधवार को मामला दर्ज किया गया है. इससे वहां सेंसरशिप पर एक बहस शुरू हो गई है.

टोक्यो की 42 साल की मेगुमी इगाराशी को योनि से संबंधित तस्वीरें एक सेक्स शॉप में प्रदर्शित करने के आरोप लगे हैं.

इगाराशी पर ये भी आरोप है कि वे अश्लील चित्रों का डाटा कुछ अन्य लोगों को भेज रही थी.

इगाराशी को दिसंबर के पहले सप्ताह में गिरफ़्तार किया गया और वो तब से हिरासत में ही हैं.

ऐसे ही मामले में जुलाई में इगाराशी को पहले गिरफ़्तार किया गया था. लेकिन कानून और आम लोगों के दबाव को देखते हुए उन्हें रिहा किया गया था.

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जापानी मीडिया की रिपोर्ट में इगाराशी के कथन को भी प्रकाशित किया गया है. इस कथन में कहा गया है, "मेरे काम का उद्देश्य केवल हास्य के पलों को जिंदा करना है क्योंकि उसमें यौन अंगों को सजाया गया है. लेकिन ये अश्लील नहीं है."

जापानी समाज में वर्जित

इगाराशी की वेबसाइट के मुताबिक वो अपने यौन अंगों के आधार पर कलाकृतियां बनाती रही हैं. उन्होंने अपनी वेबसाइट पर कहा, "जापानी समाज में योनि को लेकर एक तरह की वर्जना है. इसे अश्लील समझा जाता है, जबकि लिंग को पॉप कल्चर का हिस्सा माना जाता है."

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जापान के मीडिया में अश्लीलता संबंधी कानून के तहत यौन अंगों के चित्रण पर पाबंदी है.

इगाराशी अगर दोषी पाईं गई तो उन्हें दो साल क़ैद की सजा हो सकती है और साथ में करीब 25 लाख येन का ज़ुर्माना लगाया जा सकता है.

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