वायग्रा के 'जनक' को नाइटहुड सम्मान

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'वायग्रा के जनक' कहे जाने वाले डॉ. सिमोन कैंपबेल और यूट्यूब के 'मैड प्रोफ़ेसर' मार्टिन पोलीकॉफ़ को 'नाइटहुड' से सम्मानित किया गया है.

ब्रिटेन के सबसे बड़े नागरिक सम्मान नाइटहुड के लिए चुने गए डॉ. सिमोन कैंपबेल की अगुआई में दवा कंपनी फ़ाइज़र में वायग्रा पर महत्वपूर्ण शोध हुए.

जबकि प्रोफ़ेसर मार्टिन पोलिकॉप एक ब्रितानी रसायनशास्त्री हैं, जिन्हें यूट्यूब वीडियो के लिए जाना जाता है.

यूट्यूब पर अपने साइंस वीडियो से सनसनी फैला देने वाले मार्टिन के शिक्षाप्रद वीडियो को दुनिया भर में लाखों दर्शक पसंद करते हैं.

फ़ाइज़र दवा कंपनी के साथ काम करते हुए अपने 26 साल के कार्यकाल में कैंपबेल दिल की बीमारी ख़ासकर उच्च रक्तचाप के इलाज से जुड़ी तीन नई दवाइयों से जुड़े.

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उच्च रक्तचाप की जो तीसरी दवाई थी उसके साइड इफ़ेक्ट्स में पाया गया कि यह गोली पुरुष गुप्तांग में ख़ून के बहाव को बढ़ाकर नसों की शिथिलता दूर करती है.

और यही गोली साल 1998 में वायग्रा के नाम से बाज़ार में छा गई. अपने शुरुआती दस सालों में फ़ाइज़र की इस दवा ने 30 करोड़ पुरुषों की मदद की.

कैंपबेल बीबीसी को बताते हैं, "मैंने वायग्रा का आविष्कार नहीं किया. हां, मैंने प्रयोग की शुरुआत ज़रूर की."

साइंस यूट्यूब वीडियो

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Image caption रसायनशास्त्री सिमोन कैंपबेल वायग्रा को विकसित करने वाली टीम के खास सदस्य रहे.

नॉटिंघम विश्वविद्यालय में रसायन विषय के प्रोफ़ेसर मार्टिन पोलिकॉप को उनके ऑनलाइन वीडियो सीरिज़ के लिए जाना जाता है.

उन्होंने बीबीसी को बताया, "हमने एक ख़ास प्रोजेक्ट के तहत पांच हफ़्तों में 120 वीडियो बनाए."

वीडियो पत्रकार ब्रैडी हारन को श्रेय देते हुए वे कहते हैं कि इस तरह का पागलपन से भरा हुआ आइडिया उन्हीं का था कि हर रसायन के बारे में लिए लघु फ़िल्म बनाई जाए.

वे बताते हैं, "साल 2008 में प्रोजेक्ट शुरू हुआ और इसके ख़त्म होने के पहले ही प्रशंसा भरी चिट्ठियों की बाढ़ आ गई. सभी का आग्रह था कि जो भी हो, हम वीडियो बनाना बंद न करें."

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Image caption 103 साल के फ़ौजा सिंह को भी नाइटहुड सम्मान मिला.

फिर तो उनकी टीम वीडियो बनाती गई और यूट्यूब पर डालती गई. अब इसके दर्शकों की तादाद आठ करोड़ तक पहुंच चुकी है.

पोलिकॉफ बालों की ख़ास शैली और चश्मे के कारण उन्हें लोग 'मैड प्रोफ़ेसर' भी पुकारते हैं.

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