सावधान! आपकी सेहत पर है कंपनी की नज़र

  • 18 जनवरी 2015
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ऑफ़िस में काम करते हुए आपकी सेहत का भी ख़याल रखा जाए तो आपको क्या दिक़्क़त हो सकती है.

इसमें फ़ायदा सिर्फ़ आपका नहीं है, कंपनी भी स्वस्थ कर्मचारियों के दम पर बेहतर प्रदर्शन करेगी.

पूर्व एथलीट जेफ़ टेंपल ने दो साल पहले तब फ़िटनेस ट्रैकिंग डिवाइस पहनी थी, जब उनकी कंपनी ने उन्हें यह डिवाइस बतौर सालाना उपहार में दी.

वह ब्रैंडेड जैकेट या पीठ पर लटकाने वाला थैला चुन सकते थे. लेकिन, उनकी कंपनी के 150 अन्य कर्मचारियों की तरह उन्होंने भी ऑफ़िस में चल रहे क्लाउडफ़िट प्रोग्राम को चुना.

फ़िटनेस पर्क्स

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मार्केटिंग मैनेजर टेंपल बताते हैं, "मैं बहुत सक्रिय था और ट्रायथलन में हिस्सा लेता था. लेकिन फिर कुछ सालों के लिए मैं इससे अलग हो गया और एक तरह से निष्क्रिय हो गया. लेकिन क्लाउडफ़िट प्रोग्राम ने मुझे नई ऊर्जा दी."

इससे प्रेरित होकर अब कई अन्य कंपनियां फ़िटनेस ट्रैकर्स को अपने पर्क्स में शामिल कर रही हैं. और करें भी क्यों नहीं क्योंकि सभी कंपनियां चाहती हैं कि उनके कर्मचारी स्वस्थ हों.

कर्मचारी फ़िटबिट, जावबोन, नाइकी और सैमसंग जैसी कंपनियों के उत्पादों में दिलचस्पी ले रहे हैं और कुछ कर्मचारी मज़े के नाम पर ही इन उत्पादों में रुचि ले रहे हैं.

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टेंपल को इसका फ़ायदा हो रहा है. उन्होंने अपने लिए रोज़ाना 20,000 क़दम चलने का लक्ष्य बनाया है. अभी वे सामान्य तौर पर 15,000 क़दम चलते हैं.

फ़िटनेस ट्रैकर्स लोकप्रिय

फ़िटनेस प्रोग्राम के अलावा कंपनी अपने कर्मचारियों को पौष्टिक भोजन के बारे में सलाह देने के साथ नियमित रूप से प्रतियोगिताएं भी आयोजित करती है.

कर्मचारियों के बीच 'फ़ील गुड फ़ैक्टर' ने फ़िटनेस ट्रैकर्स को बेहद लोकप्रिय बना दिया है. ऑडिट फ़र्म प्राइसवाटरहाउस कूपर्स के अनुसार हालाँकि अभी 10 फ़ीसदी कंपनियों के मालिकों ने ही फ़िटनेस ट्रैकर्स को अपनाया है.

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एबीआई रिसर्च के जोनाथन कॉलिन्स कहते हैं, "कंपनियां कॉर्पोरेट वेलनेस प्रोग्राम पर काफ़ी ख़र्च करती हैं. ख़ासकर अमरीका में. हालाँकि इस बात के पक्के सबूत नहीं हैं कि ये प्रोग्राम कितने असरदार हैं."

उनका अनुमान है कि 2018 तक अकेले अमरीका में 1.3 करोड़ लोग कॉर्पोरेट प्रोग्राम के तहत ट्रैकर्स बन जाएंगे. वर्ष 2012 तक इस प्रोग्राम के ज़रिए मात्र दो लाख लोगों को जोड़ा गया था.

आशंकाएं

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ऐसा नहीं है कि इस प्रोग्राम में कुछ ख़ामियां नहीं हैं. इस प्रोग्राम को लेकर कई तरह की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं.

निर्माता जानते हैं कि उनकी मशीन हर एक्सरसाइज़ का सटीक माप नहीं कर सकती. इसलिए इसे इस्तेमाल करने वालों को ख़ुद अपने डेटा को ऑनलाइन भरने को कहा जाता है. कंपनियां वज़न कम करने की ट्रेनिंग, योग और बिस्तर पर होने वाली कसरत को अपने डेटा में शामिल कर सकती हैं.

लेकिन कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों की गोपनीय जानकारियों का ख़्याल भी रखना ज़रूरी है. मुश्किल तब होगी जब इस डेटा को कर्मचारियों के सहयोगियों, बॉस या इंटरनेट पर जारी किया जाएगा.

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फ़िटबिट के एक प्रतिनिधि ने बीबीसी कैपिटल को बताया, "हम ग्राहकों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमने अपनी गोपनीयता नीति की समीक्षा पर काफ़ी समय बिताया है."

टेंपल फ़िटनेस ट्रैकर का इस्तेमाल जारी रखना चाहते हैं. वह कहते हैं कि उन्हें इस बात पर पूरा नियंत्रण है जो भी वह अपने सहयोगियों के साथ साझा करते हैं.

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वह अपने सोने का डेटा ऑफ़िस में किसी के साथ साझा नहीं करते.

न ही उन पर कंपनी की क्लाउडफ़िट स्कीम में जबरन बने रहने का दबाव है. वह कहते हैं, "अगर मैं एक हफ़्ते इस प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लेना चाहता, तो मैं इसके लिए आज़ाद हूं और फिर जब मन हो दोबारा इसमें शामिल हो सकता हूं."

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.

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