नज़रबंद रहेंगे लखवी: पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट

  • 7 जनवरी 2015
ज़कीउर्रहमान लखवी इमेज कॉपीरइट AP

चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा के प्रमुख नेताओं में से एक और 26/11 मुंबई हमलों के अभियुक्त ज़कीउर्रहमान लखवी की नज़रबंदी बरक़रार रहेगी.

बुधवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के उस फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया जिसमें लखवी की नज़रबंदी को ग़ैर-क़ानूनी क़रार देते हुए हाई कोर्ट ने उनकी रिहाई के आदेश दिए थे.

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "ऐसा लगता है हाई कोर्ट ने ये फ़ैसला जल्दीबाज़ी में दिया है."

सरकारी की जिम्मेदारी

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption ज़कीउर्रहमान लखवी भारत में हुए मुंबई चरमपंथी हमलों के अभियुक्त हैं.

जस्टिस जव्वाद एस ख़्वाजा की अध्यक्षता वाली दो सदस्यों की खंड पीठ ने हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ पाकिस्तान सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बातें कहीं.

एटार्नी जनरल ने अदालत में दलील दी थी कि पाकिस्तान सरकार ने हालात को देखते हुए सोच-विचार के बाद ज़कीउर्रहमान लखवी की नज़रबंदी का आदेश दिया था.

उन्होंने कहा, "मुंबई हमलों के मामले में पाकिस्तान सरकार को अपनी ज़िम्मेदारियों का अहसास है और इसी के तहत उसमें इस मुक़दमे को चरमपंथ विरोधी अदालत में ले गई. जहाँ बहुत हद तक इस मुक़मदे की कार्रवाई पूरी हो चुकी है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार