शार्ली एब्डो हमला: दो भाइयों की तलाश

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शार्ली एब्डो पत्रिका के दफ़्तर पर बुधवार को हमले और 12 लोगों की हत्या के मुख्य अभियुक्तों की तलाश के लिए पेरिस के उत्तर-पूर्वी इलाक़ों में पुलिस बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है.

पुलिस ख़ासतौर पर विलर्स-कोटरेस्ट क़स्बे के आसपास इन अभियुक्तों को खोज रही है जहां कहा जा रहा है कि दो लोगों ने एक पेट्रोल पम्प में लूटपाट की है.

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लॉन्गपोर्ट गांव की घेराबंदी की गई है और एक-एक घर की तलाशी ली जा रही है जहां दो अभियुक्तों के छिपे होने की आशंका है, दोनों अभियुक्त भाई बताए जा रहे हैं.

पुलिस ने एक बुलेटिन जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उनके पास हथियार हैं और वो ख़तरनाक हैं. दोनों संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की गई हैं. दोनों ही फ्रांस के नागरिक हैं लेकिन मूलत: अल्जीरिया के रहने वाले हैं.

राष्ट्रीय शोक

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पेरिस में लोग एकजुट हुए हैं और उन्होंने शार्ली एब्डो के दफ्तर पर हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपने एकजुटता दिखाई है.

पेरिस की इस घटना पर पूरे फ्रांस में एक दिन का राष्ट्रीय शोक मनाया गया है.

पेरिस में एक रैली का आयोजन किया गया और आइफ़ेल टॉवर की बत्तियों को मृतकों की स्मृति में बुझा दिया गया.

पुलिस का कहना है कि शार्ली एब्डो पत्रिका के दफ़्तर पर हमला करने वालों ने भागते वक़्त इस्लाम से संबंधित नारे लगाए थे. कल जब लोग शार्ली एब्डो के दफ़्तर के बाहर श्रद्धांजलि देने पहुंचे, उनमें इमाम हसन भी शामिल थे.

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Image caption पुलिस ने संदिग्ध हमलावर भाइयों की तस्वीर जारी की है.

इमाम हसन का कहना है, ''हमले को मुसलमानों के साथ जोड़े जाने से हम भी डरे हुए हैं. हमने इस घटना की भर्त्सना की है और मैं भी पीडि़तों में से एक हूं क्योंकि मुझे 24 घंटे पुलिस की सुरक्षा में रहना पड़ रहा है. हम गुस्से को समझ सकते हैं लेकिन इस तरह की नफ़रत को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं.''

इससे पहले, ख़बरें आई थीं कि शार्ली एब्डो के दफ्तर पर हमले के बाद एक मस्जिद और कुछ मुसलमानों पर हमले की कोशिश की गई. फ्रांस की सरकार का कहना है कि देश में मुसलमानों या उनकी इबादत की जगहों पर किसी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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