'रंग लाएगी मेरे भाई की कुर्बानी'

बीते साल जनवरी में अपने स्कूल के सैकड़ों बच्चों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवाने वाले छात्र एतज़ाज़ हसन को 2014 का 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' चुना गया है.

पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े सूबे सिंध के हैदराबाद में आयोजित युवा संसद में एतज़ाज़ के चुनाव पर सभी ने 30 सेकेंड तक खड़े हो कर उनके हौसले को सलाम किया.

एतज़ाज़ हसन ने इस सम्मान की होड़ में तालिबानी हमले में घायल हुई और शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफज़ई को पछाड़ा. मलाला तीसरे स्थान पर रहीं.

आत्मघाती हमलावर से टक्कर

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सिंध के शहर हैदराबाद से बीबीसी उर्दू संवाददाता अली हसन के मुताबिक़ दूसरे स्थान पर समीना बेग रहीं.

समीना बेग ने बीते साल माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने का कारनामा किया था.

बीते साल खैबर पख्तूनख्वा के हंगू इलाक़े के इब्राहीम ज़ई स्कूल में नौवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र एतज़ाज़ हसन अपने दोस्तों के साथ स्कूल के बाहर मौजूद थे.

तभी उन्होंने एक हमलावर को बम से भरा जैकेट पहने देखा.

उनके दोस्तों ने वहां से निकलने की बात की, लेकिन एतज़ाज़ ने दोस्तों की सलाह नहीं मानते हुए हमलावर को रोकने की कोशिश की.

'रंग लाएगी कुर्बानी'

इस कोशिश में हमलावर ने बम विस्फोट कर लिया जिसमें एतज़ाज़ और हमलावर दोनों की मौत हो गई थी. लेकिन स्कूल को किसी तरह का नुक़सान नहीं हुआ.

जिस वक़्त ये हादसा हुआ था, उस वक़्त उस स्कूल में क़रीब 2000 छात्र मौजूद थे. अगर एतज़ाज़ हसन ने बहादुरी न दिखाई होती तो ये तमाम बच्चे हमलावर के शिकार हो सकते थे.

एतज़ाज़ हसन की मौत के एक साल पूरे होने पर उनके भाई मुज़त्बा हसन ने बीबीसी संवाददाता रिफतउल्ला युसुफज़ई को बताया, "मुझे अपने भाई की शहादत पर फख़्र है. मेरे भाई की कुर्बानी रंग लाएगी, एक दिन ऐसा आएगा कि दुश्मन पस्त हो जाएगा. केवल हक़ की फ़तह होगी."

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