2014: लिखित इतिहास का सबसे गर्म साल

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अमरीकी वैज्ञानिकों ने कहा है कि तापामान का जब से रिकॉर्ड रखा जा रहा है, उसके मुताबिक 2014 सबसे अधिक गर्म साल बन गया है.

साल 2014 दीर्घकालीन औसत से 0.68 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा गर्म रहा.

शुक्रवार को अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और राष्ट्रीय सागरीय और पर्यावरणीय प्रशासन (नोवा) के वैज्ञानिकों ने इस बारे में आंकड़े जारी किए.

नासा के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्पेस स्टडीज़ के निदेशक गेविन श्मिट ने कहा: 'यह गर्म दशकों के संबंध में गर्म वर्षों के सिलसिले की एक कड़ी है.'

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Image caption अकसर जंगलों में लगने वाली आग से भी तापमान में वृद्धि होती है.

पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने आरंभिक आंकड़े जारी किए थे, जिनके मुताबिक 2014 के पहले 10 महीनों में विश्व का औसत वायु तापमान दीर्घकालिक औसत से लगभग 0.57 सेल्सियस अधिक था.

अनुमान था कि बीते 12 महीने रिकॉर्ड बनाने वाले साबित होंगे.

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Image caption बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर भी तेज़ी से पिघल रहे हैं

धरती के तापामान को वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से 19 वीं सदी के अंत से एकत्र किया जा रहा है.

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में जलवायु परिवर्तन पर शोध संस्थान के निदेशक बॉब वार्ड ने कहा, ' यह नया विश्व रिकॉर्ड तापमान इस धारणा पूरी तरह से गलत साबित करता है कि पर्यावरण तपिश थम गई है.'

उनका कहना था कि दुनिया भर से इस बात के पक्ष में सबूत इकट्ठे हो रहे हैं कि पृथ्वी गर्म होती जा रही है और ग्रीन हाउस गैसों की वजह से मौसम बदल रहा है.

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