ग़ुब्बारे से प्रशांत महासागर किया पार

बलूनिस्ट इमेज कॉपीरइट Reuters

दो लोगों ने एक हीलियम ग़ुब्बारे में बैठकर प्रशांत महासागर को पार कर दूरी और अवधि के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है.

अमरीका के ट्रोय ब्रेड्ले और रूस के लियोनिड ट्यूखत्येव ने हीलियम ग़ुब्बारे से 137 घंटे और 45 मिनट में 5,260 मील की दूरी तय कर यह कीर्तिमान बनाया.

इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए उन दोनों को पुराने रिकॉर्ड को एक प्रतिशत से हराना था.

रविवार (25 जनवरी) को ब्रेड्ले और ट्यूखत्येव ने जापान से कनाडा या अमरीका के लिए एक हीलियम ग़ुब्बारे में बैठकर अपनी यह यात्रा शुरू की थी.

हालांकि ख़राब मौसम के चलते उन्हें शनिवार को मैक्सिको में उतरना पड़ा.

हाइटेक ग़ुब्बारा

इमेज कॉपीरइट AP

जिस हाइटेक बलून (ग़ुब्बारे) में बैठकर उन्होंने यह यात्रा पूरी की उसका नाम 'टू ईगल्स' था.

यह ग़ुब्बारा एक मज़बूत सिंथेटिक फ़ाइबर 'केवलर' से बना था, जिसका वज़न मात्र 220 पाउंड (100 किलोग्राम) था.

यह ग़ुब्बारा ऐसे उपकरणों और मोनीटर्स से लैस था जिससे उसके मार्ग का पता चलने के साथ-साथ उसका डेटा, रिकॉर्ड रखने वालों के पास भी पहुंचाया जा सके.

इमेज कॉपीरइट Reuters

बैठने के लिए ख़ासतौर से डिज़ाइन किया गया इसका कैपसूल 10 दिन तक आसमान में रह सकता था.

इसमें वे दोनों बलूनिस्ट (पायलट) एक बहुत नीची छत वाले कोठरी जैसे हिस्से में बैठकर गए थे.

नहीं बन सका नया रिकॉर्ड

बीबीसी के पत्रकार अलस्टेयर लीथैड के मुताबिक़, 1981 के बाद से अब तक किसी ने भी प्रशांत महासागर को ग़ुब्बारे में बैठकर पार नहीं किया था.

ब्रेड्ले और ट्यूखत्येव ने 1981 में बनाए गए रिकॉर्ड को परास्त कर नया रिकॉर्ड क़ायम कर दिया है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

1981 में तय की गई दूरी (5,209 मील) थी वहीं अब इन दो लोगों ने 5,260 मील (8,465 किलोमीटर) की दूरी तय की है.

गुरुवार को ही 'टू ईगल्स' की टीम ने ट्विट कर बताया था, "दोनों पायलटों ने नया कीर्तिमान स्थापित करने वाली दूरी को पार कर लिया है".

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार