पाकिस्तानी मीडिया में छाए केजरीवाल

  • 4 फरवरी 2015
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पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है.

दिल्ली में सात फ़रवरी को मतदान होने वाला है.

आप के नेता अरविंद केजरीवाल पिछले साल 49 दिनों तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे थे. उन्होंने फ़रवरी 2014 में लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर इस्तीफ़ा दिया था. उसके बाद से दिल्ली में लेफ्टिनेंट गवर्नर का शासन है.

पाकिस्तानी मीडिया में भारतीय मीडिया के उन चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों का हवाला दिया जा रहा है, जिनमें केजरीवाल को भाजपा नेता किरण बेदी और कांग्रेस नेता अजय माकन से आगे बताया जा रहा है.

'घबराई भाजपा'

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अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने एक ख़बर छापी है जिसमें कहा गया है कि 'घबराई भाजपा' ने अलग-अलग जातियों और समुदायों के 100 से ज़्यादा पार्टी नेताओं को दिल्ली के प्रचार अभियान में उतारा है. ख़बर के अनुसार आम आदमी पार्टी का मुख्य जनाधार 'अनुसूचित जातियां और मुसलमान' हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार 'डेली टाइम्स' और 'द नेशन' भी उन चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के बारे में ख़बरें छपी हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी के दिल्ली विधानसभा की कुल 70 में से 36 से 41 सीटें जीतने का अनुमान जताया गया है.

पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो टीवी का कहना है कि अगर ये सर्वेक्षण नतीजों में बदलते हैं तो नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा पहली बार किसी राज्य में चुनाव हारेगी.

शक्तिशाली नेता को चुनौती

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डॉन में छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार पिछले लोकसभा चुनावों के बाद पहली बार कुछ भाजपा सांसद हिंदुत्व को बढ़ावा देने के मुद्दे को दरकिनार कर आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों के मोदी के प्रयासों का विरोध कर रहे हैं.

डॉन कहता है, "ये विरोध एक ऐसा नेता की सत्ता को चुनौती देने जैसा है, जिसे पिछले तीन दशकों में इंदिरा गांधी के बाद देश का सबसे शक्तिशाली नेता माना जा रहा है."

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पाकिस्तानी ट्विटर यूजर्स भी केजरीवाल को समर्थन करते नज़र आ रहे हैं. हालाँकि केजरीवाल से जुड़ा कोई हैशटैग ट्रेंड नहीं कर रहा है.

सबीना सिद्दकी नामक एक यूजर्स ने ट्वीट किया है, "मोदी ख़ुद को भारत के लिए नसीबवाला होने के दावा कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी के हीरो अभी केजरीवाल ही हैं."

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