यूक्रेन: क्या नई योजना पर मानेंगे पुतिन?

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पूर्वी यूक्रेन में जारी लड़ाई को रोकने के लिए राजनयिक मोर्चे पर लगातार कोशिश हो रही है.

इसके लिए अब यूरोपीय संघ ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया है जिस पर शुक्रवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद, जर्मन चांसलर अंगेला मर्केल और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को में बातचीत करेंगे.

वहीं यूक्रेन की राजधानी कीएफ़ के दौरे पर गए अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी का कहना है कि वो यूक्रेन संकट का एक शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, लेकिन रूस के आक्रमण पर आंख बंद भी नहीं करेंगे.

दरअसल, रूस पर आरोप लगते हैं कि वो पूर्वी यूक्रेन के विद्रोहियों की न सिर्फ़ मदद कर रहा है, बल्कि सीमापार अपने सैनिकों को लड़ने भी भेज रहा है. रूस इन आरोपों से इनकार करता है.

नई योजना

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Image caption बीते साल अप्रैल से पूर्वी यूक्रेन अशांत है

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, यूक्रेन की सेना और रूस समर्थक विद्रोहियों के बीच जारी लड़ाई में पिछले साल अप्रैल से अब तक 5400 लोग मारे जा चुके हैं.

संकट को खत्म करने के लिए इरादे से यूरोपीय संघ एक नई योजना तैयार की है.

यू्क्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने मर्केल और ओलांद से मुलाक़ात के बाद आशा जताई कि इससे संघर्षविराम की उम्मीद बंधेगी.

हालांकि यू्क्रेन ने साफ़ किया है कि अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर वो कोई समझौता नहीं करेगा.

टकराव की आशंका

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वहीं यूक्रेन संकट के चलते नैटो पूर्वी यूक्रेन में अपनी मौजदूगी बढ़ाने के बारे में विचार कर रहा है.

रूसी सांसद व्याचेस्लाव निकोनोव का कहना है कि ऐसा हुआ तो टकराव और बढ़ेगा.

उन्होंने कहा, "बेशक, हम बहुत चिंतित हैं. ख़तरनाक हालात है, जिससे सैन्य टकराव की आशंका बढ़ती है. जब आप सेना का जमावड़ा करते हैं तो कुछ भी हो सकता है. कुछ भी कह पाना मुश्किल है."

हाल के दिनों में पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों की ओर से कार्रवाई के बाद लड़ाई तेज़ हो गई है.

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