मध्यपूर्व ईसाइयों की दुर्दशा से प्रिंस चार्ल्स चिंतित

  • 8 फरवरी 2015
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ब्रितानी ताज के उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स ने मध्यपूर्व में ईसाइयों की दुर्दशा पर गहरी चिंता जताई है.

प्रिंस चार्ल्स ने बीबीसी से एक बातचीत में कहा कि यदि मध्यपूर्व में ईसाइयों के साथ इसी तरह उत्पीड़न होता रहा तो वो दिन दूर नहीं कि यहां गिने-चुने इसाई ही बचेंगे.

चार्ल्स शनिवार से गुरुवार तक जॉर्डन, क़ुवैत, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात की छह दिनों की यात्रा पर हैं.

रविवार को वे जॉर्डन पहुंचेंगे और वहां के शाह अब्दुल्लाह से मिलेंगे. इससे पहले उन्होंने अमन में इराक़ी इसाई शरणार्थियों से मुलाक़ात की.

2,000 साल

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ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स ने इस बात कि आशंका जताई है कि मध्यपूर्व में मौजूदा उथलपुथल के कारण यहां बहुत ही कम संख्या में ईसाई बचेंगे.

उन्होंने कहा, "मध्य-पूर्व में ईसाई 8वीं सदी में इस्लाम के आने के पहले से यानि क़रीब 2,000 सालों से रह रहे हैं. यहां के हर चीज़ में उनका योगदान काफ़ी बड़ा है. इसलिए ये और बड़ी त्रासदी का रूप ले लेती है."

दो दिन पहले ही इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों ने जॉर्डन के फ़ाइटर पायलट के ज़िंदा जलाए जाने का वीडियो जारी किया था.

Image caption प्रिंस चार्ल्स अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के साथ.

प्रिंस चार्ल्स के जॉर्डन यात्रा का ख़ास मक़सद इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के ख़िलाफ़ जॉर्डन के संघर्ष के प्रति ब्रिटेन की एकजुटता ज़ाहिर करना है.

एक बातचीत में उन्होंने चिंता जताई है कि कई ब्रितानी युवा चरमपंथ की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

सैंकड़ों की तादाद में ब्रितानी सीरिया में चरमपंथी समूह में शामिल हो रहे हैं.

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