क्या होता है आपके पुराने कपड़ों का?

  • 17 फरवरी 2015
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हर साल ब्रिटेन में हज़ारों लोग पुराने कपड़े दान देते हैं और सोचते हैं कि किसी जरूरतमंद की मदद कर रहे हैं.

लेकिन एक नई किताब 'क्लॉथिंग पॉवर्टी' से यह पता चला है कि इसका अधिकांश हिस्सा बाहर के देशों में व्यापार के मक़सद से भेज दिया जाता है.

पुराने कपड़ों का यह बाज़ार 4.3 अरब डॉलर का है. ब्रिटेन में दस लाख टन पुराने कपड़े हर साल लोग छोड़ देते हैं.

फ़ैशन को लेकर पश्चिमी दुनिया की दीवानगी बहुत तेज़ी से बढ़ रही है. इसने चीन में बने उन सस्ते उत्पादों के लिए भी बड़ा बाज़ार खड़ा कर दिया है जिसे कम वक्त में इस्तेमाल कर फेंक दिया जाता है.

इसके साथ ही पुराने कपड़ों की तादाद और बाज़ार भी बढ़ता जा रहा है.

अगर ये किसी के इस्तेमाल में आ जाए तो अच्छी बात है लेकिन किंग्स कॉलेज के व्याख्याता डॉक्टर एंड्रू ब्रूक्स की किताब 'क्लॉथिंग पॉवर्टी' यह बताती है कि कई दानकर्ताओं को यह नहीं पता होता कि चैरिटी में दिए जाने वाले उनके कपड़ों को मुनाफा कमाने में इस्तेमाल किया जाएगा.

उनका कहना है, "मैं सोचता हूं कि आम लोगों के बीच ये आम धरणा है कि अगर वे चैरिटी को कुछ देते हैं तो बहुत संभव है कि ये फुटपाथ पर लगने वाले दुकानों पर बिकेंगे. और इन दुकानों पर मांग कहीं ज्यादा होती है बजाए आपूर्ति के."

दिलचस्प

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वेस्ट एंड रिसोर्सेज एक्शन प्रोग्राम (रैप) के आकलन के मुताबिक़ ब्रिटेन में 70 फ़ीसदी इस्तेमाल किए गए कपड़े दुनिया के दूसरे देशों में हर साल भेजे जाते हैं.

संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम उपलब्ध आकड़ों के मुताबिक़ ब्रिटेन, अमरीका के बाद पुराने कपड़ों के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है.

अमरीका के प्रमुख व्यापारिक साझेदार कनाडा,चीली,ग्वाटेमाला और भारत है.

ब्रिटेन के चैरिटी रिटेल एसोसियशन का कहना है कि 90 फ़ीसदी पुराने कपड़े सीधे दुकानों को दे दिए जाते हैं.

यह देखना बहुत दिलचस्प होता है कि दान में दी गई चीज़ कैसे व्यापार के सामान में तब्दील हो जाती है.

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