रूस ने 'शांतिरक्षक सेना' का विरोध किया

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रूस ने पूर्वी यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षक सेना की तैनाती के यूक्रेन के प्रस्ताव की निंदा की है. रूस ने इसे विनाशकारी कदम बताया है.

रूस के संयुक्त राष्ट्र राजदूत वाइटैली चर्किन ने कहा, "यूक्रेन के राष्ट्रपति का प्रस्ताव संदेह पैदा करता है कि वो मिंस्क समझौते को नष्ट करना चाहते हैं."

एक हफ़्ते पहले हुए मिंस्क युद्धविराम समझौते के बावजूद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डेबाल्टसेफ़ क़स्बे में संघर्ष जारी है. विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले दोनेत्सक शहर में गुरुवार को भारी गोलाबारी हुई.

यूक्रेनी अधिकारियों अनुसार मारियोपोल के नज़दीकी तटीय क़स्बे शिरोकाइन में अलगाववादियों की तरफ़ से मोर्टार हमले किए गए हैं.

नई योजना

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चर्किन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको पर आरोप लगाया कि वो मिंस्क समझौते को अमल में लाने के बजाय दूसरी योजना तलाश रहे हैं.

उन्होंने कहा, "अगर कोई नए प्रस्तावों पर बात करता है तो सवाल उठता है कि क्या वे पहले किए गए समझौते का आदर करेगा."

गुरुवार को फ्रांस, रूस, यूक्रेन और जर्मनी की चांसलर के बीच इस मुद्दे पर फ़ोन पर बात हुई.

पूर्वी यूक्रेन के शहर दोनेत्स्क और लुहांस्क पर विद्रोहियों का क़ब्ज़ा है और उन्होंने इन इलाक़ों को यूक्रेन से अलग गणराज्य घोषित कर दिया है.

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