2500 साल पुरानी 'बिल्ली' बिकी 49 लाख रुपए में

मिस्र की कांस्य की बिल्ली

ब्रिटेन में जब 95 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला डोरीन लिडडेल की पिछले साल मृत्यु हुई तो वो अपने रिश्तेदारों के लिए एक बेशक़ीमती चीज़ छोड़ गईं. ये चीज़ थी एक 2500 साल पुरानी बिल्ली.

उनके परिवार वाले उनके गाँव में स्थित घर की सफ़ाई कर रहे थे तो उन्हें एक धातु की चीज़ मिली जिसे उन्होंने रद्दी सामान समझ लिया.

लेकिन ये चीज़ कोई रद्दी सामान नहीं थी बल्कि प्राचीन मिस्र काल की एक विलक्षण प्रतिमा थी. बिल्ली के आकार की इस कांस्य प्रतिमा के अंदर बिल्ली की ममी सुरक्षित थी.

कूड़ेदान में जाते-जाते बची

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परिवार वाले इस बिल्ली को फेंकने ही वाले थे लेकिन समय रहते इसे बचा लिया गया. प्राचीन कलाकृतियों के स्थानीय विक्रेता डेविड हे की वजह से ये बिल्ली कूड़ेदान में जाते-जाते रह गई.

इस बिल्ली को इस हफ़्ते हुई नीलामी में 52 हज़ार पाउंड(क़रीब 49 लाख रुपए) में एक अज्ञात ख़रीदार ने फ़ोन से बोली लगाकर ख़रीदा. माना जा रहा है कि ख़रीदने वाला अंतरराष्ट्रीय कारोबारी है.

विशेषज्ञों ने इस बिल्ली की प्राचीनता प्रमाणित की है लेकिन एक सवाल ये भी है कि ये बिल्ली इंग्लैंड के एक गाँव में कैसी पहुँची?

इंग्लैंड पहुँचने का राज़

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Image caption ब्रितानी पुरातत्वविद् हॉवर्ड कार्टर ने तूतनख़ामने की कब्र की खोज की थी.

डोरीन लिडडेल के स्वर्गीय पति डगलस लिडडेल मशहूर ब्रितानी पुरातत्वविद् हॉवर्ड कार्टर के लिए काम करते थे. कार्टनर ने ही मिस्र की प्रसिद्ध तूतूतनख़ामन की क़ब्र खोजी थी.

लिडडेल 1987 में मिस्र की प्राचीन कलाकृतियों का कारोबार करने वाली कंपनी स्पिंक एंड सन से रिटायर होने के बाद से दक्षिण-पश्चिमी इंग्लैंड में बस गए.

विशेषज्ञों के अनुसार बिल्ली 700-500 ईसा पूर्व के समय की है जब मिस्र में 26वें राजवंश का शासन था. बिल्ली की नीलामी करने वाली संस्था के अनुसार इसे किसी ऊँची पहुँच वाले संपन्न व्यक्ति ने बनवाया होगा.

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