'सीरिया में दाख़िल न होना, घर लौट आओ'

लंदन से सीरिया गईं इमेज कॉपीरइट

तुर्की के रास्ते कथित तौर पर सीरिया जाने की तैयारी कर रही लंदन की तीन लड़कियों के परिवार वालों ने उनसे घर लौटने की अपील की है.

ब्रितानी पुलिस के अनुसार 15 वर्षीय शमीमा बेगम और अमीरा अबेस, अपनी 16 वर्षीय दोस्त क़दीज़ा सुल्ताना के साथ मंगलवार को लंदन से तुर्की के लिए रवाना हुईं थीं. उन्होंने अपने परिवार में ये कहा था कि वो एक दिन के लिए बाहर जा रही हैं.

लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कमांडर रिचर्ड वॉल्टन ने आशंका जताई है कि ये तीनों ब्रितानी लड़कियां तुर्की से सीरिया की सीमा में दाख़िल होकर चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल होने की नीयत से वहां गईं हैं.

शमीमा बेगम के परिवार वालों ने अपनी बेटी से अपील करते हुए कहा है, ''सीरिया ख़तरनाक जगह है और हम नहीं चाहते कि तुम वहां जाओ.''

'परिवार मुसीबत में है'

घर लौटने की अपील करते हुए शमीमा के घर वालों ने अपने बयान में कहा, ''तुमको कुछ नहीं कहा जाएगा. हम समझते हैं कि तुम सीरिया में पीड़ितों की मदद करना चाहती हो, लेकिन अपने आपको ख़तरे में डाले बग़ैर ये मदद तुम घर से भी कर सकती हो. प्लीज़ तुम सीरिया की सीमा में दाख़िल न होना. प्लीज़ घर लौट आओ.''

क़दीज़ा के घर वालों ने बयान जारी कर कहा है, ''तुम्हारी ग़ैरमौजूदगी की वजह से पूरा परिवार मुसीबत में है. हमलोग तो समझ ही नहीं पा रहे हैं कि तुमने घर क्यों छोड़ा. हमलोग तुम्हारी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं.''

क़दीज़ा से घर लौटने की अपील करते हुए परिवार ने कहा, ''हमलोग तुमसे बिल्कुल नाराज़ नहीं हैं और तुमने कोई ग़लत काम किया है. हमलोग सिर्फ़ ये चाहते हैं कि तुम सभी सही सलामत घर वापस आ जाओ.''

अमीरा के घर वालों ने भी एक बयान जारी कर अपनी बेटी से जल्द से जलद घर लौटने की अपील की है. घर वालों ने बयान में कहा है, ''तुम मज़बूत और स्मार्ट हो. हमें पूरी उम्मीद है कि तुम सही फ़ैसला करोगी. तुम सोच भी नहीं सकती कि हमलोग तुम्हें कितना याद करते हैं. प्लीज़ तुम घर चली आओ.''

बेथनल ग्रीन एकेडमी

ये तीनों लड़कियां एक ऐसी लड़की की दोस्त हैं जो दिसंबर 2014 में सीरिया गईं थीं.

इमेज कॉपीरइट
Image caption अक़्सा महमूद 2013 से सीरिया में हैं.

ये चारों लड़कियां एक ही स्कूल बेथनल ग्रीन एकेडमी में पढ़ती हैं.

पुलिस के अनुसार दिसंबर में एक लड़की के सीरिया जाने के बाद इन तीन लड़कियों से पूछताछ की गई थी लेकिन उस समय पुलिस को ज़रा सा भी इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि ये तीनों लड़कियां भी सीरिया जाने के बारे में सोच सकती हैं.

पुलिस का कहना है कि इन लड़कियों में से कम से कम एक का सोशल मीडिया के ज़रिए ग्लासगो की अक़्सा महमूद से संपर्क था. अक़्सा महमूद नवंबर 2013 में ही सीरिया गईं थीं और आईएस के एक लड़ाके से शादी करके सीरिया में ही रह रही हैं.

अक़्सा महमूद के परिवार वालों ने अपने वकील के ज़रिए एक बयान जारी कर कहा, ''तुम अपने परिवार और स्कॉटलैंड के लोगों के लिए एक कलंक हो. तुम्हारी हरकत इस्लाम को ग़लत ढंग से पेश करता है.''

लेकिन अक़्सा के परिजनों ने ब्रितानी पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अक़्सा के सोशल मीडिया पर नज़र रखे जाने के बाद पुलिस को कैसे नहीं पता चला कि वो इन तीन लड़कियों में से किसी एक के संपर्क में है और पुलिस उन लड़कियों को जाने से रोक क्यों नहीं सकी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार